टोंक दौरे पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का संदेश, नशा मुक्ति और टीबी मुक्त अभियान पर दिया विशेष जोर
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने टोंक दौरे के दौरान अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और सीमापार से होने वाली ड्रग्स की तस्करी पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ प्रभावी जनजागरण और टीबी मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रशासन, शिक्षा संस्थानों और ग्राम पंचायतों को मिलकर काम करना होगा।
सीमापार से आने वाली ड्रग्स को बताया बड़ी चुनौती
जिला परिषद सभागार में आयोजित बैठक में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की लत समाज और राष्ट्र दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सीमापार से आने वाली मादक पदार्थों की खेप केवल आर्थिक लाभ के उद्देश्य से नहीं भेजी जाती, बल्कि इसका असर देश की युवा शक्ति को कमजोर करने पर पड़ता है। उन्होंने युवाओं से नशे के दुष्प्रभावों को समझने और इससे दूर रहने का आह्वान करते हुए प्रशासन से भी जागरूकता अभियान तेज करने की बात कही।
शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा, अधिकारियों से पूछे सवाल
बैठक के दौरान राज्यपाल ने हाल ही में हुई नीट परीक्षा के परिणामों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि टोंक जिले के 34 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इसके बाद राज्यपाल ने जिले के सरकारी और निजी कॉलेजों की संख्या तथा उनमें अध्ययनरत विद्यार्थियों का विवरण पूछा। अधिकारियों के पास पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि यदि सरकारी कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या कम हो रही है तो यह शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है, जिस पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।
ग्राम पंचायतों के जरिए टीबी मुक्त अभियान तेज करने के निर्देश
राज्यपाल ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि टोंक जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए ग्राम स्तर पर व्यापक जनजागरूकता जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत की बैठकों में टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी दी जाए। साथ ही हर गांव में टीबी मरीजों की संख्या, उनके उपचार की स्थिति और आवश्यक संसाधनों की नियमित समीक्षा कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि बीमारी पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।
प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी पर दिया जोर
बैठक के अंत में राज्यपाल ने कहा कि नशा मुक्ति और टीबी उन्मूलन जैसे अभियान केवल सरकारी योजनाओं से सफल नहीं होंगे, बल्कि इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने और युवाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने की अपील की। उनका कहना था कि जागरूक और स्वस्थ युवा ही देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत हैं।
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