मकराना के निजी स्कूल में 3.5 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म का मामला, विरोध प्रदर्शन तेज; पुलिस जांच जारी
राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना स्थित एक निजी स्कूल में साढ़े तीन वर्षीय बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के विरोध में लोगों ने धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम किया तथा आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।
मासूम की शिकायत के बाद खुला मामला, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
पुलिस के अनुसार बच्ची स्कूल से घर लौटने के बाद अपनी मां को दर्द की शिकायत करते हुए कथित घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान यौन उत्पीड़न की आशंका जताई गई। इसके आधार पर परिजनों ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तीन दिन बंद रहेगा स्कूल, जांच समिति गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल की गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्णय लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिला कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है, जो निर्धारित समय में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने तक विद्यालय बंद रहेगा। पुलिस का कहना है कि बच्ची फिलहाल किसी संदिग्ध की स्पष्ट पहचान नहीं कर सकी है, इसलिए स्कूल स्टाफ, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।
धरना, चक्काजाम और सख्त कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी सामने आते ही बड़ी संख्या में लोग स्कूल के बाहर एकत्रित हो गए और देर रात तक धरना-प्रदर्शन किया। आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर कुछ समय के लिए सड़क जाम भी किया गया, जिसे पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद हटाया गया। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, स्कूल प्रशासन की भूमिका की जांच, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा, चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। कई जनप्रतिनिधि भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिलाने की मांग की।
गहलोत और जूली ने सरकार पर साधा निशाना
घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। गहलोत ने मामले में त्वरित जांच और फास्ट-ट्रैक सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता और सुरक्षा मिलनी चाहिए। वहीं टीकाराम जूली ने भी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। फिलहाल सरकार की ओर से इस मामले में जांच जारी होने की बात कही गई है और पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।इसे भी पढ़ें- बाड़मेर में मासूम से दुष्कर्म पर फूटा जनाक्रोश, सर्व समाज ने निकाली रैली; पीड़िता को न्याय और आरोपी को कड़ी सजा की मांग