शादी के नाम पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी का खुलासा, बिहार से राजस्थान लाकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़
राजस्थान के झालावाड़ जिले में पुलिस ने मानव तस्करी के एक गंभीर मामले का पर्दाफाश करते हुए ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है, जो बिहार की नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर या गरीब परिवारों से लेकर राजस्थान लाता था। यहां फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें बालिग दिखाया जाता और फिर शादी के नाम पर मोटी रकम लेकर उनका विवाह कराया जाता था। पुलिस ने इस मामले में चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
14 वर्षीय किशोरी को फर्जी दस्तावेजों से बालिग बनाकर कराया विवाह
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने बिहार की एक 14 वर्षीय किशोरी को राजस्थान लाकर उसके लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार कराया। दस्तावेजों में उसकी उम्र बढ़ाकर उसे बालिग दर्शाया गया, ताकि कानूनी प्रक्रिया से बचते हुए उसका विवाह कराया जा सके। आरोप है कि अकलेरा क्षेत्र में इस किशोरी की शादी लगभग दो लाख रुपये लेकर कराई गई। कुछ समय बाद जब आरोपी उसे वापस ले जाने का प्रयास कर रहे थे, तभी पुलिस को सूचना मिली और कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का खुलासा हो गया। शुरुआती जांच में दस्तावेजों से छेड़छाड़ और मानव तस्करी के संकेत भी मिले हैं।
ग्रामीणों की सूचना और पुलिस की सतर्कता से खुली साजिश
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि एक नाबालिग लड़की को जबरन वाहन में बैठाकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने पीछा किया, लेकिन आरोपी वाहन लेकर भाग निकले। इसके बाद आसपास के थाना क्षेत्रों की पुलिस और ग्रामीणों के सहयोग से रास्ता अवरुद्ध किया गया। संयुक्त कार्रवाई के दौरान वाहन को रोक लिया गया और उसमें मौजूद किशोरी सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया। पीड़ित बालिका को सुरक्षित संरक्षण केंद्र भेजा गया, जबकि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई।
गरीब परिवारों को झांसा देकर चलाया जा रहा था तस्करी का नेटवर्क
जांच में यह तथ्य सामने आया कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर भविष्य और अच्छे परिवार में शादी का भरोसा देकर उनकी बेटियों को राजस्थान लाता था। कई मामलों में नाबालिग लड़कियों की वास्तविक उम्र छिपाने के लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार किए जाते थे। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर विवाह करवाकर आरोपियों द्वारा बड़ी रकम वसूली जाती थी। पुलिस को आशंका है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और कई राज्यों तक फैला हो सकता है। अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
‘पसंद नहीं आई’ तो दूसरी जगह फिर करवा देते थे शादी
पुलिस की जांच में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। आरोप है कि यदि विवाह के बाद खरीदार पक्ष लड़की को स्वीकार नहीं करता था, तो गिरोह उसे वापस अपने कब्जे में लेकर किसी अन्य व्यक्ति से फिर विवाह करवा देता था। इस तरह एक ही लड़की का कई बार सौदा कर आर्थिक लाभ कमाने का खेल चलाया जा रहा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी लड़कियों को इस तरह अलग-अलग राज्यों में पहुंचाया और किन लोगों ने इस अवैध कारोबार में उनकी मदद की।
चार आरोपी गिरफ्तार, कई राज्यों में जांच का दायरा बढ़ा
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने राजस्थान, बिहार और जयपुर सहित विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, आर्थिक लेन-देन, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले व्यक्तियों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। अधिकारियों का उद्देश्य पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाना है।