अलवर में विवाहिता की संदिग्ध मौत, पति समेत 11 पर दहेज हत्या का केस
अलवर जिले के सदर थाना क्षेत्र के चिरखाना गांव में 25 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला सामने आया है। पीहर पक्ष ने दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाते हुए पति समेत 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
तीन साल पहले हुआ था निकाह, दहेज मांगने का आरोप
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, मृतका दिलशान उर्फ दिलशाना का निकाह 11 मई 2022 को अलवर जिले के चिरखाना गांव निवासी अरबाज के साथ हुआ था। शिकायतकर्ता, जो मृतका के चचेरे भाई हैं, का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष मोटरसाइकिल और ₹5 लाख नकद दहेज की मांग करने लगा। आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
समझौते के कई प्रयास, फिर भी नहीं थमा विवाद
पीहर पक्ष का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच विवाद सुलझाने के लिए कई बार सामाजिक स्तर पर पंचायतें आयोजित की गईं। शिकायत के मुताबिक, जनवरी और अप्रैल 2026 में हुई बैठकों में समाज के लोगों ने ससुराल पक्ष को दहेज की मांग और कथित प्रताड़ना बंद करने की सलाह दी थी। इसके बाद 24 जुलाई को हुई एक अन्य बैठक में भी भविष्य में विवाद समाप्त करने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन समझौतों के बावजूद स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं हुआ।
मौत से पहले फोन पर प्रताड़ना का आरोप
परिजनों के अनुसार, 28 जुलाई को घटना से कुछ घंटे पहले दिलशाना ने अपने भाई को फोन कर कथित मारपीट और दहेज की मांग की जानकारी दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पति और परिवार के अन्य सदस्य उस पर दहेज लाने का दबाव बना रहे थे तथा धमकी दे रहे थे। पीहर पक्ष का कहना है कि इसी फोन कॉल के लगभग चार घंटे बाद उन्हें सूचना मिली कि दिलशाना की मौत हो गई है। इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पति समेत 11 नामजद, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। प्राथमिकी में पति समेत ससुराल पक्ष के 11 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।