‘प्रियंका जी ने राहुल गांधी का भाषण चुरा लिया’, लोकसभा बहस के बाद किरेन रिजिजू का तंज
लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक, 2026 पर हुई बहस के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई। रिजिजू ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के भाषण पर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए लिखा कि उन्होंने “राहुल गांधी का भाषण चुरा लिया”, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें प्रियंका का भाषण राहुल गांधी से बेहतर लगा। यह टिप्पणी संसद में शिक्षा और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर हुई तीखी बहस के बाद सामने आई।
लोकसभा की बहस के बाद रिजिजू का तंज
एंटी पेपर लीक विधेयक, 2026 पर दो दिनों तक चली चर्चा के बाद किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, “प्रियंका जी ने राहुल जी का भाषण चुरा लिया है!! But honestly Priyanka Ji spoke much better than Rahul Gandhi Ji.” पोस्ट के साथ साझा किए गए एक वीडियो में सदन का हल्का-फुल्का माहौल भी दिखाई देता है। रिजिजू की यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।
पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे पर विपक्ष का हमला
लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष का कहना था कि बार-बार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है और इस पर केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जवाबदेही भी तय करनी होगी।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर उठाए कई सवाल
अपने संबोधन में प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति को लेकर भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। उनके कुछ बयानों पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
सत्ता पक्ष ने आरोपों का किया विरोध
प्रियंका गांधी की टिप्पणियों पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और किरेन रिजिजू ने कड़ा विरोध जताया। भाजपा नेताओं ने कहा कि विपक्ष बिना पर्याप्त तथ्यों के व्यक्तिगत आरोप लगा रहा है और इससे संसदीय मर्यादा प्रभावित होती है। सत्ता पक्ष की ओर से कुछ टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटाने की भी मांग की गई। इस मुद्दे पर लोकसभा में कुछ समय तक हंगामे की स्थिति बनी रही।
सोशल मीडिया पर भी जारी रही राजनीतिक नोकझोंक
संसद की कार्यवाही समाप्त होने के बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी जारी रही। किरेन रिजिजू की पोस्ट को कई लोगों ने राजनीतिक कटाक्ष माना, जबकि कुछ ने इसे हल्के-फुल्के संसदीय हास्य के रूप में देखा। फिलहाल पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस लगातार जारी है।