‘पहले देश का काम, फिर शादी’… अभिजीत दीपके के रिश्तों पर बोले माता-पिता, आंदोलन के बाद होगा फैसला
NEET-UG 2026 आंदोलन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके की निजी जिंदगी भी अब सुर्खियों में है। बढ़ती लोकप्रियता के बीच उनके लिए लगातार शादी के प्रस्ताव आ रहे हैं। हालांकि, परिवार का कहना है कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता देश और युवाओं से जुड़े मुद्दे हैं। माता-पिता ने स्पष्ट किया कि शादी पर अंतिम फैसला अभिजीत खुद करेंगे और पहले उनका सार्वजनिक कार्य पूरा होना जरूरी है।
‘रिश्ते लगातार आ रहे हैं, लेकिन फैसला अभिजीत का होगा’
अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने बताया कि उनके बेटे के लिए विवाह प्रस्ताव पहले भी आते थे और आंदोलन के बाद इनकी संख्या और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि परिवार चाहता है कि अभिजीत इस वर्ष के अंत तक विवाह कर लें, लेकिन किसी भी निर्णय का अधिकार उन्हीं के पास रहेगा। परिवार उनके घर लौटने के बाद इस विषय पर चर्चा करेगा। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाने का निर्णय अभिजीत स्वयं करेंगे।
बीमारी के कारण घर लौटने में हुई देरी
परिवार के अनुसार, आंदोलन समाप्त होने के बाद अभिजीत के घर लौटने की योजना थी, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण यह टल गई। बताया गया कि उन्हें टाइफाइड होने से कुछ दिनों तक आराम की सलाह दी गई, जिसके चलते घर आने में देरी हुई। परिवार का कहना है कि स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद ही वे घर पहुंचेंगे और उसके बाद पारिवारिक विषयों पर बातचीत होगी।
धमकियों के बाद परिवार ने बदला था ठिकाना
अभिजीत के माता-पिता ने बताया कि आंदोलन के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बन गया था। कथित धमकियों की जानकारी मिलने के बाद परिवार कुछ समय के लिए रिश्तेदारों के यहां चला गया था। परिवार का कहना है कि उस दौरान उन्होंने एहतियात के तौर पर सार्वजनिक गतिविधियां भी सीमित कर दी थीं। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य होने पर वे वापस अपने घर लौट आए।
शांत स्वभाव से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
परिवार के अनुसार, बचपन में अभिजीत बेहद शांत स्वभाव के थे और स्कूल के दिनों में सार्वजनिक भाषण या वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में ज्यादा सक्रिय नहीं रहते थे। लेकिन समय के साथ उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर काम करना शुरू किया और युवाओं से जुड़े विषयों पर अपनी अलग पहचान बनाई। उनके माता-पिता का कहना है कि आज उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बोलते देखकर उन्हें भी आश्चर्य होता है।
इंजीनियरिंग छोड़ी, सामाजिक कार्यों को दी प्राथमिकता
परिवार ने बताया कि अभिजीत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की थी, लेकिन बाद में अपनी रुचि के अनुसार अलग रास्ता चुना। इसके बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों और सार्वजनिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की। परिवार का कहना है कि उन्होंने हमेशा अपने बेटे के फैसलों का सम्मान किया और अब भी विवाह सहित हर महत्वपूर्ण निर्णय उसी पर छोड़ रखा है।