रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिलेगा ₹2500 का तोहफा: दिल्ली कैबिनेट ने लक्ष्मी योजना को दी मंजूरी
रक्षाबंधन से पहले दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए एक अहम फैसला लिया है। कैबिनेट ने लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को ₹2500 की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान करना और डिजिटल माध्यम से पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाना है। योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद योजना लागू करने की तैयारी
दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने लक्ष्मी योजना को औपचारिक मंजूरी दे दी है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹2500 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योजना का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। अब संबंधित विभाग योजना के क्रियान्वयन और आवेदन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
रक्षाबंधन पर DBT के जरिए खाते में पहुंचेगी राशि
सरकार की योजना है कि पात्र महिलाओं के बैंक खातों में पहली किस्त डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाए। इससे लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे आर्थिक सहायता मिल सकेगी। आधार से जुड़े बैंक खाते में राशि भेजने की व्यवस्था होने से भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे त्योहार के समय महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी।
1 अगस्त से शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
योजना के लिए 1 अगस्त से विशेष ऑनलाइन पोर्टल शुरू किए जाने की तैयारी है। पात्र महिलाएं अपने मोबाइल फोन या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी। सरकार का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाना है, ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं बिना सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। आवेदन के दौरान आवश्यक दस्तावेजों और पात्रता संबंधी जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
पारदर्शी व्यवस्था पर सरकार का जोर
दिल्ली सरकार ने योजना के संचालन में पारदर्शिता को प्राथमिकता देने की बात कही है। सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से योजना की निगरानी भी आसान होगी और पात्र लाभार्थियों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
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