जयपुर में छठे दिन भी जारी छात्र नेता शुभम रेवाड़ का अनशन, दो प्रमुख मांगों पर अड़ा आंदोलन
दिल्ली में चर्चित छात्र आंदोलन के बाद अब राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी छात्र आंदोलन चर्चा का विषय बना हुआ है। राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्र नेता शुभम रेवाड़ पिछले छह दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक राजस्थानी भाषा के लिए अलग विभाग स्थापित नहीं किया जाता और छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच आज CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के भी आंदोलन स्थल पहुंचने की घोषणा की गई है।
छठे दिन भी जारी भूख हड़ताल
राजस्थान यूनिवर्सिटी परिसर में छात्र नेता शुभम रेवाड़ का अनशन लगातार छठे दिन भी जारी है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। शुभम रेवाड़ का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य छात्रों तथा प्रदेश की भाषा से जुड़े मुद्दों को सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने प्रभावी ढंग से रखना है
पहली मांग- राजस्थानी भाषा के लिए अलग विभाग
आंदोलन की सबसे प्रमुख मांग राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा के लिए स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी स्तर का नियमित विभाग शुरू करने की है। शुभम रेवाड़ का आरोप है कि विश्वविद्यालय में कई विदेशी भाषाओं के नियमित पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, लेकिन राजस्थानी भाषा अभी भी सीमित स्वरूप में पढ़ाई जाती है। उनका कहना है कि अलग विभाग नहीं होने से राजस्थानी भाषा में उच्च शिक्षा और शोध करने के इच्छुक छात्रों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। आंदोलनकारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देने की भी मांग कर रहे हैं।
दूसरी मांग- छात्रसंघ चुनाव फिर से शुरू हों
शुभम रेवाड़ और उनके समर्थकों की दूसरी प्रमुख मांग छात्रसंघ चुनावों की बहाली है। उनका कहना है कि वर्ष 2022 से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के कारण छात्रों को अपना लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है। आंदोलनकारियों का तर्क है कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय और छात्रों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम होता है, इसलिए चुनाव जल्द कराए जाने चाहिए।
आज आंदोलन स्थल पहुंचेंगे आशुतोष रांका
दिल्ली में छात्र आंदोलन से जुड़े CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि वह मंगलवार शाम राजस्थान यूनिवर्सिटी पहुंचेंगे। उनके साथ संगठन के सह-प्रवक्ता दीपक बलियान भी मौजूद रहेंगे। रांका ने कहा है कि वे छात्रों से मुलाकात कर शिक्षा से जुड़े मुद्दों और आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वह आंदोलन में औपचारिक रूप से शामिल होंगे या केवल समर्थन व्यक्त करेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से शुभम रेवाड़ की मांगों पर कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई जाएगी। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।