बीकानेर में ATS की बड़ी कार्रवाई, पाकिस्तानी गैंग से जुड़े सिम एक्टिवेशन मामले में युवक गिरफ्तार
राजस्थान के बीकानेर जिले में आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) के इनपुट पर पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक भारतीय मोबाइल सिम को सक्रिय कराने के लिए ओटीपी साझा किया, जिसके बाद उस सिम का उपयोग पाकिस्तान में किया गया। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर जांच कर रही हैं और यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या नहीं।
ATS के इनपुट पर बीकानेर पुलिस की कार्रवाई
बीकानेर जिले के बज्जू थाना क्षेत्र में जयपुर एटीएस से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने गौड़ू गांव निवासी अनिल कुमार बिश्नोई को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दूरसंचार नियमों के तहत मामला दर्ज किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी से पूछताछ जारी है और पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी की जांच की जा रही है।
भारतीय सिम एक्टिव कराने के लिए ओटीपी साझा करने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पर आरोप है कि उसने एक भारतीय मोबाइल सिम को सक्रिय करने के लिए आवश्यक ओटीपी पाकिस्तान में मौजूद व्यक्तियों तक पहुंचाया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ओटीपी मिलने के बाद संबंधित सिम पाकिस्तान में सक्रिय हो गई। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि उस सिम का उपयोग किन गतिविधियों में किया गया। फिलहाल यह जांच का विषय है कि सिम का इस्तेमाल केवल संचार के लिए हुआ या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में भी किया गया।
पाकिस्तान स्थित नेटवर्क से संपर्क की जांच
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी का संपर्क पाकिस्तान में मौजूद कुछ लोगों से होने की बात सामने आई है। एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि आरोपी किन माध्यमों से उनके संपर्क में आया और उसे सिम एक्टिवेशन में सहयोग करने के लिए किस प्रकार तैयार किया गया। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या आरोपी ने पहले भी किसी भारतीय सिम, ओटीपी या अन्य डिजिटल संसाधनों का दुरुपयोग कराने में भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की डिजिटल और तकनीकी पड़ताल कर रही हैं।
शहजाद भट्टी के नेटवर्क की भी हो रही पड़ताल
जांच में जिस नेटवर्क का नाम सामने आया है, उसका संबंध पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी से होने का दावा किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही इस नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। हालांकि मौजूदा मामले में एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी की भूमिका कितनी गहरी थी और उसका संपर्क सीधे गैंग के सदस्यों से था या किसी अन्य माध्यम से। इस संबंध में आधिकारिक जांच अभी जारी है।
पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की जांच जारी
एटीएस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच का प्रमुख उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी ने यह कार्य जानबूझकर किया या किसी झांसे में आकर, तथा इसके बदले उसे कोई आर्थिक लाभ मिला था या नहीं। इसके अलावा उसके मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।