NEET के बाद आरक्षण पर छिड़ी नई बहस, सोशल मीडिया पर RHA अभियान ने बटोरी सुर्खियां
NEET-UG विवाद के बाद अब सोशल मीडिया पर आरक्षण व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन (RHA)’ नाम से चल रहे एक ऑनलाइन अभियान ने कम समय में व्यापक चर्चा बटोरी है। अभियान से जुड़े सोशल मीडिया पेजों पर दावा किया जा रहा है कि लाखों लोग इससे जुड़ चुके हैं। हालांकि, इन दावों की किसी स्वतंत्र या आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। वहीं, आरक्षण के समर्थन में भी कई समूह सक्रिय हो गए हैं, जिससे यह मुद्दा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तीखी बहस का केंद्र बन गया है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ RHA अभियान
NEET-UG आंदोलन के बाद इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन (RHA)’ नाम का अभियान तेजी से वायरल हो रहा है। अभियान से जुड़े पेजों का दावा है कि 48 घंटे के भीतर लाखों लोगों ने उन्हें फॉलो किया। सोशल मीडिया पर इस दावे को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है, लेकिन अभी तक किसी सरकारी संस्था या स्वतंत्र फैक्ट-चेक एजेंसी ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है। इसके बावजूद अभियान लगातार ट्रेंड कर रहा है और बड़ी संख्या में युवा इस पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।
डिजिटल नेटवर्क के जरिए अभियान को विस्तार देने की तैयारी
अभियान से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया के अलावा वेबसाइट, ऑनलाइन सदस्यता और डिजिटल नेटवर्क के जरिए अपने समर्थन आधार को मजबूत करने की कोशिश शुरू कर दी है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, RHA से जुड़े कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म वेदांश त्यागी नाम के व्यक्ति से जुड़े बताए जा रहे हैं। सोशल मीडिया प्रोफाइल में उन्हें पोर्टफोलियो मैनेजर बताया गया है। हालांकि, अभियान की संगठनात्मक संरचना और नेतृत्व को लेकर कोई आधिकारिक दस्तावेज या सरकारी पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी का दावा
RHA अभियान से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि मांगों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने की तैयारी चल रही है। हालांकि, प्रदर्शन की तारीख, प्रशासन से अनुमति या आधिकारिक कार्यक्रम को लेकर अभी तक कोई पुष्टि सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर विभिन्न वर्गों के युवा इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय साझा कर रहे हैं। ऐसे में फिलहाल यह आंदोलन मुख्य रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म तक सीमित दिखाई दे रहा है।
क्या हैं RHA अभियान की प्रमुख मांगें?
अभियान से जुड़े सोशल मीडिया पेजों पर कई प्रमुख मांगें सामने रखी गई हैं। इनमें जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने, शिक्षा और सरकारी नौकरियों में पूरी तरह मेरिट आधारित चयन लागू करने, सभी विद्यार्थियों के लिए समान शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, सरकारी प्रक्रियाओं में जाति आधारित पहचान की भूमिका कम करने और सभी नागरिकों के लिए समान अवसर उपलब्ध कराने की मांग शामिल है। ये मांगें सोशल मीडिया पोस्ट और अभियान से जुड़े प्लेटफॉर्म पर साझा की जा रही हैं।
आरक्षण के समर्थन में भी सक्रिय हुए कई समूह
जहां एक ओर RHA अभियान को समर्थन देने वाले लोग अपनी बात रख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरक्षण व्यवस्था के समर्थन में भी कई सोशल मीडिया समूह सक्रिय हो गए हैं। इनका तर्क है कि जब तक समाज में सामाजिक और जातिगत असमानता पूरी तरह समाप्त नहीं होती, तब तक आरक्षण की व्यवस्था सामाजिक न्याय के लिए आवश्यक है। दूसरी ओर, आरक्षण हटाने की मांग करने वाले समूह मेरिट आधारित चयन प्रणाली लागू करने की वकालत कर रहे हैं। इस वजह से सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच लगातार बहस देखने को मिल रही है।
आरक्षण पर फिर तेज हुई राष्ट्रीय बहस
आरक्षण का विषय लंबे समय से देश में सामाजिक, राजनीतिक और संवैधानिक चर्चा का हिस्सा रहा है। अब सोशल मीडिया पर RHA अभियान के सामने आने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर सोशल मीडिया पर किए जाने वाले दावों और आंकड़ों को तथ्यों के आधार पर परखना जरूरी है। फिलहाल RHA अभियान की लोकप्रियता, सदस्य संख्या और भविष्य की रणनीति को लेकर आधिकारिक स्तर पर कोई पुष्टि उपलब्ध नहीं है।