35 दिन खाना खिलाने वाले ‘जुनैद भाई’ CJP से नाराज, बोले- अब कोई हालचाल नहीं पूछता
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के दौरान सामुदायिक रसोई चलाकर चर्चा में आए मोहम्मद जुनैद अब पार्टी नेताओं से नाराज हैं। जुनैद का आरोप है कि आंदोलन खत्म होने के बाद CJP नेताओं ने उनसे दूरी बना ली और मुश्किल समय में उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि 35 दिनों तक उन्होंने प्रदर्शनकारियों की सेवा की, लेकिन अब कोई संपर्क तक नहीं करता।
CJP आंदोलन में सेवा से चर्चा में आए थे जुनैद
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP आंदोलन के दौरान मोहम्मद जुनैद सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हुए थे। वह मंच से भाषण देने के बजाय पर्दे के पीछे रहकर प्रदर्शनकारियों की मदद कर रहे थे। उन्होंने आंदोलन स्थल पर सामुदायिक रसोई चलाकर सैकड़ों लोगों के लिए भोजन, चाय, पानी और नाश्ते की व्यवस्था की थी। उनकी सेवा को लेकर कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।
‘35 दिन साथ रहा, लेकिन अब कोई पूछता नहीं’
मोहम्मद जुनैद ने आरोप लगाया कि आंदोलन खत्म होने के बाद CJP नेताओं ने उनसे संपर्क करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह लगातार 35 दिनों तक आंदोलन से जुड़े लोगों के साथ रहे और उन्हें खाना खिलाया, लेकिन अब उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। जुनैद ने कहा कि इतने लंबे समय तक साथ रहने के बाद इंसानी रिश्ता बन जाता है, लेकिन अब उन्हें अकेलापन महसूस हो रहा है।
जुनैद बोले- रिश्ता नहीं टूटेगा, लेकिन उम्मीद थी साथ मिलेगा
जुनैद ने कहा कि वह CJP नेताओं से अपना रिश्ता खत्म नहीं मानते, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि मुश्किल समय में संगठन उनके साथ खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि कम से कम नेता उनसे संपर्क करते, मिलते या हालचाल पूछते। जुनैद के मुताबिक आंदोलन के दौरान साथ रहने वाले कई लोगों से अब उनका कोई संपर्क नहीं रह गया है।
पुलिस कार्रवाई के आरोपों से भी जुड़े रहे जुनैद
आंदोलन के दौरान जुनैद ने पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि उनके घर पर छापेमारी की गई और परिवार के सदस्यों पर दबाव बनाया गया। इसके अलावा उन्होंने सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों द्वारा हिरासत में लेने और पूछताछ करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।
परिवार और कानूनी मामलों को लेकर जताई चिंता
जुनैद का कहना है कि आंदोलन खत्म होने और रिहाई के बाद भी पुलिस और कानूनी मामलों से जुड़ी परेशानियां बनी हुई हैं। उनका आरोप है कि ऐसे समय में उन्हें संगठन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वह और उनका परिवार अब भी इन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं और उन्हें लगा था कि CJP के लोग उनके साथ खड़े होंगे।
गाजियाबाद के रहने वाले हैं मोहम्मद जुनैद
मोहम्मद जुनैद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के नहाल गांव के रहने वाले हैं। CJP आंदोलन के दौरान वह किसी राजनीतिक पद पर नहीं थे और न ही उन्होंने मंच से कोई भाषण दिया। उनकी पहचान आंदोलन में भोजन और अन्य जरूरतों की व्यवस्था करने वाले स्वयंसेवक के तौर पर बनी। अब उनके आरोपों के बाद CJP और आंदोलन से जुड़े लोगों पर सवाल उठ रहे हैं।