पंजाब में पेपर लीक नहीं हुआ, अफवाह फैलाना बंद करें BJP-कांग्रेस: मनीष सिसोदिया
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने पंजाब में पेपर लीक की खबरों को गलत बताते हुए भाजपा और कांग्रेस पर राज्य सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाया है। मोहाली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब में पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान केवल ब्लूटूथ स्मार्ट पेन से नकल की कोशिश का मामला सामने आया था, जिस पर तुरंत कार्रवाई की गई।
‘पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी’
मोहाली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब में पेपर लीक होने की खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। उन्होंने बताया कि एक विश्वविद्यालय की परीक्षा के दौरान कुछ छात्र ब्लूटूथ स्मार्ट पेन के जरिए कथित तौर पर नकल करने की कोशिश कर रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय रहते डिवाइस जब्त कर लिया और संबंधित छात्रों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया। उनके अनुसार, इसे पेपर लीक बताना भ्रामक है।
भाजपा और कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस सोशल मीडिया के माध्यम से पंजाब सरकार के खिलाफ गलत जानकारी फैला रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों दलों को बिना तथ्यों के पेपर लीक जैसी खबरें फैलाने से बचना चाहिए। उनके मुताबिक, अफवाहों के जरिए छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
विपक्ष ने सरकार पर उठाए सवाल
वहीं, दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पंजाब सरकार पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विभिन्न भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। सिरसा ने कहा कि इन मामलों में प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने पंजाब के शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की भी मांग की।
परीक्षा व्यवस्था पर जारी है राजनीतिक बहस
पंजाब में परीक्षा प्रणाली और कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर आम आदमी पार्टी का दावा है कि पेपर लीक जैसी कोई घटना नहीं हुई और केवल नकल की कोशिश को रोका गया, वहीं विपक्ष सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा का मुद्दा राज्य की राजनीति में प्रमुख चर्चा का विषय बना हुआ है।