फ्रांस के जंगलों में भीषण आग, विशाल A400M विमान से केमिकल गिराकर आग बुझाने की कोशिश
फ्रांस के कई इलाकों में फैली भीषण जंगल की आग पर काबू पाने के लिए सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया है। आग बुझाने के लिए पहली बार बड़े सैन्य परिवहन विमान A400M का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो हवा से फ्लेम रिटार्डेंट (आग की तीव्रता कम करने वाले रसायन) का छिड़काव करेगा। आग की वजह से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
A400M विमान से होगा फ्लेम रिटार्डेंट का छिड़काव
फ्रांस सरकार ने जंगलों में फैली आग को नियंत्रित करने के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए A400M कार्गो विमान को अभियान में शामिल किया है। यह विमान आग प्रभावित क्षेत्रों के ऊपर उड़ान भरकर फ्लेम रिटार्डेंट केमिकल गिराएगा, जिससे आग की रफ्तार कम करने और दमकलकर्मियों को राहत कार्य में मदद मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा हालात में हवाई अभियान आग पर नियंत्रण पाने की रणनीति का अहम हिस्सा है।
करीब दो लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के अनुसार, गिरोंडे और लैंडेस क्षेत्रों में लगी आग के कारण लगभग 1.97 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। मौसम में बदलाव और तेज हवाओं के कारण आग के बोर्डो की ओर बढ़ने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए दमकल टीमें फायर लाइन तैयार करने, खाइयां खोदने और अन्य रोकथाम उपायों पर तेजी से काम कर रही हैं।
सेना भी राहत और बचाव अभियान में शामिल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फ्रांसीसी सरकार ने सेना को भी राहत एवं बचाव कार्यों में लगाया है। प्रभावित इलाकों में धुएं से बचाव के लिए बड़ी संख्या में फेस मास्क भी वितरित किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, कुछ स्थानों पर आग इतनी तेज हो गई कि उसने अपने आसपास की हवा के प्रवाह को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए।
स्पेन में भी बढ़ा वनाग्नि का खतरा
फ्रांस के साथ-साथ स्पेन के कई हिस्से भी भीषण जंगल की आग की चपेट में हैं। दोनों देशों में दमकल विभाग लगातार आग बुझाने में जुटा है, लेकिन तेज हवाएं और शुष्क मौसम राहत कार्यों को कठिन बना रहे हैं। कई पर्यटन क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आपातकालीन व्यवस्थाएं लागू करने और राहत कार्यों में सेना की भूमिका बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।