CJP की जीत के बाद भावुक हुए अभिजीत दीपके के माता-पिता, बोले- वर्षों के संघर्ष को मिला सम्मान
NEET-UG विवाद से जुड़े आंदोलन में मिली बड़ी सफलता के बाद CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता भावुक नजर आए। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनके बेटे की नहीं, बल्कि उन सभी छात्रों और परिवारों की जीत है, जिन्होंने न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर लंबा संघर्ष किया। उन्होंने संगठन के सहयोग और आंदोलन से जुड़े लोगों के समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया।
भावुक हुए अभिजीत दीपके के माता-पिता
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बने माहौल के बीच अभिजीत दीपके के माता-पिता की भावुक प्रतिक्रिया सामने आई। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों का संघर्ष उनके परिवार के लिए बेहद कठिन रहा, लेकिन उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। उनका कहना था कि जब हालात चुनौतीपूर्ण थे, तब भी आंदोलन से जुड़े लोगों ने उनका हौसला बनाए रखा। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को न्याय और लोकतांत्रिक संघर्ष की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि सच्चाई और धैर्य का साथ कभी व्यर्थ नहीं जाता।
CJP के सहयोग को बताया बड़ी ताकत
माता-पिता ने कहा कि CJP ने लगातार छात्रों और युवाओं की आवाज को प्रमुखता से उठाया। उनके अनुसार, संगठन ने हर स्तर पर परिवार का साथ दिया और न्याय की मांग को मजबूती से आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में जुड़े हजारों छात्रों, अभिभावकों और समर्थकों की एकजुटता ने पूरे आंदोलन को नई ऊर्जा दी। उनका मानना है कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई आवाज समाज और व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
‘संघर्ष अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ’
हालांकि इस घटनाक्रम से परिवार को राहत मिली है, लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी कुछ महत्वपूर्ण मांगें अभी भी पूरी होनी बाकी हैं। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने, परीक्षा प्रणाली में सुधार करने तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की। उनका कहना था कि किसी भी परिवार को दोबारा ऐसी मानसिक पीड़ा का सामना न करना पड़े, यही इस पूरे संघर्ष का सबसे बड़ा उद्देश्य है।
लोकतांत्रिक संघर्ष का दिया संदेश
अभिजीत दीपके के माता-पिता ने कहा कि यह घटनाक्रम इस बात का उदाहरण है कि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पर बदलाव संभव है। उन्होंने सभी युवाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी आवाज उठाने की अपील की। उनके अनुसार, यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के धैर्य और संघर्ष का प्रतीक है, जिन्होंने न्याय की उम्मीद कभी नहीं छोड़ी।