वैभव सूर्यवंशी को भविष्य का ऑलराउंडर बनाना चाहता है टीम इंडिया, कोच ने बताया लॉन्ग टर्म प्लान
जिम्बाब्वे के खिलाफ विस्फोटक अर्धशतक से प्रभावित करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अपनी भविष्य की योजना स्पष्ट कर दी है। अंतरिम स्पिन गेंदबाजी कोच सुनील जोशी ने कहा कि फिलहाल टीम का पूरा फोकस वैभव को एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के रूप में तैयार करने पर है। हालांकि, भविष्य में उन्हें बल्लेबाजी ऑलराउंडर के रूप में विकसित करने की भी योजना बनाई गई है।
फिलहाल बल्लेबाजी पर रहेगा पूरा फोकस
दूसरे टी20 मुकाबले से पहले अंतरिम स्पिन गेंदबाजी कोच सुनील जोशी ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी की प्राथमिक भूमिका फिलहाल एक स्पेशलिस्ट बल्लेबाज की है। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट अभी उनके बल्लेबाजी कौशल को और मजबूत करना चाहता है। जोशी के मुताबिक, इतनी कम उम्र में वैभव ने जिस तरह की बल्लेबाजी दिखाई है, उसे देखते हुए फिलहाल उनकी बल्लेबाजी को ही प्राथमिकता देना सबसे सही फैसला होगा।
ऑलराउंडर बनाने की है दीर्घकालिक योजना
सुनील जोशी ने स्पष्ट किया कि वैभव की गेंदबाजी को नजरअंदाज नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में उन्हें बल्लेबाजी ऑलराउंडर के रूप में तैयार करने की योजना टीम के लॉन्ग टर्म विजन का हिस्सा है। जोशी ने कहा कि जब भी अवसर मिलेगा, राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में वैभव की गेंदबाजी पर भी विशेष रूप से काम किया जाएगा, ताकि वह भविष्य में टीम के लिए एक अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प बन सकें।
मल्टी-डाइमेंशनल खिलाड़ियों पर टीम का जोर
गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारतीय टी20 टीम में ऐसे खिलाड़ियों को अधिक महत्व दिया जा रहा है, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकें। टीम के पास पहले से अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ी हैं, जो जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी भी करते हैं। इसी रणनीति के तहत वैभव सूर्यवंशी को भी भविष्य में बहुआयामी खिलाड़ी के रूप में तैयार करने की योजना बनाई जा रही है।
अभिषेक और तिलक को बताया उपयोगी विकल्प
सुनील जोशी ने कहा कि अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा दोनों टीम के लिए उपयोगी गेंदबाजी विकल्प हैं। उनके अनुसार, दोनों खिलाड़ी समय-समय पर गेंद से भी प्रभाव छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की अहमियत लगातार बढ़ रही है, जो टीम को दोनों विभागों में संतुलन प्रदान कर सकें।
जिम्बाब्वे में शानदार वापसी से बढ़ा भरोसा
इंग्लैंड दौरे पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में केवल 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर जोरदार वापसी की। इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनमें बड़े स्तर पर सफल होने की क्षमता है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि यदि उनकी बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी पर भी धीरे-धीरे काम किया गया, तो आने वाले वर्षों में वह भारत के लिए एक प्रभावशाली बल्लेबाजी ऑलराउंडर बन सकते हैं।