वैभव सूर्यवंशी पर गंभीर को श्रीकांत की खरी-खरी, बोले- ‘उन्हें बाहर करना गलत फैसला था’
जिम्बाब्वे के खिलाफ धमाकेदार अर्धशतक लगाकर सुर्खियां बटोरने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर पूर्व भारतीय कप्तान और पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भारतीय टीम के पूर्व फैसले पर सवाल उठाए हैं। श्रीकांत ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान वैभव को अंतिम मैच से बाहर किए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि लगातार तीन मैचों में कम स्कोर के बाद उन्हें बाहर करना सही फैसला नहीं था। उन्होंने इस फैसले को युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास के लिए नुकसानदायक बताया।
इंग्लैंड सीरीज के फैसले पर उठाए सवाल
श्रीकांत ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को सिर्फ तीन पारियों के आधार पर टीम से बाहर करना जल्दबाजी थी। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती तीन मैचों में वैभव ने 14, 13 और 15 रन बनाए थे, जिसके बाद उन्हें अंतिम टी20 मुकाबले की प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह संजू सैमसन को मौका दिया गया। श्रीकांत का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए।
‘वैभव का आत्मविश्वास प्रभावित हुआ’
स्पोर्ट्सकीड़ा के हवाले से अपने यूट्यूब चैनल पर श्रीकांत ने कहा कि वैभव की बल्लेबाजी में शानदार शॉट्स की रेंज है और वह निडर क्रिकेट खेलते हैं। उन्होंने कहा कि तीन मैचों के बाद खिलाड़ी को बाहर करना उसके आत्मविश्वास पर असर डाल सकता है। श्रीकांत ने हेड कोच गौतम गंभीर के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ियों के साथ धैर्य रखना जरूरी होता है, क्योंकि शुरुआती असफलताएं किसी भी क्रिकेटर के करियर का हिस्सा होती हैं।
जिम्बाब्वे दौरे पर दिखाया दम
इंग्लैंड सीरीज के बाद वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टी20 टीम में वापसी करते हुए शानदार अर्धशतक लगाया। इस पारी के साथ वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक जड़ने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने यह दिखाया कि उनमें बड़े मंच पर सफल होने की क्षमता है और लगातार मौके मिलने पर वह टीम के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।
राजस्थान रॉयल्स कैंप में किया कड़ा अभ्यास
श्रीकांत ने वैभव की मेहनत और समर्पण की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि इंग्लैंड दौरे के बाद वैभव घर जाने के बजाय सीधे राजस्थान रॉयल्स के ट्रेनिंग कैंप पहुंचे, जहां उन्होंने खास तौर पर शॉर्ट बॉल के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी पर काम किया। श्रीकांत के अनुसार, यह दिखाता है कि युवा बल्लेबाज अपनी कमजोरियों को सुधारने के लिए कितना गंभीर है और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है।
निडर अंदाज ने जीता दिल
श्रीकांत ने कहा कि अधिकांश युवा खिलाड़ी लगातार कम स्कोर के बाद अपनी जगह बचाने के लिए रक्षात्मक बल्लेबाजी करने लगते हैं, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने अपना स्वाभाविक आक्रामक खेल नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि तेज स्ट्राइक रेट से रन बनाने की क्षमता और बड़े शॉट खेलने का आत्मविश्वास ही वैभव की सबसे बड़ी ताकत है। उनके अनुसार, यही गुण उन्हें भविष्य का खास खिलाड़ी बनाते हैं।