CJP Protest: टाइफाइड के बावजूद पीछे नहीं हटेंगे अभिजीत दीपके, आंदोलन जारी रखने का ऐलान
CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया है कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। इसके बावजूद उन्होंने साफ कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच बिहार में भी प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जबकि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार और CJP के बीच बातचीत का दौर भी जारी है।
टाइफाइड होने की जानकारी खुद दी
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर बताया कि चिकित्सकीय जांच में उन्हें टाइफाइड की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद उनका संकल्प कमजोर नहीं हुआ है। दीपके के अनुसार यह आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीमारी उनके अभियान को प्रभावित नहीं करेगी और वह अपनी मांगों पर डटे रहेंगे।
इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का दावा
अभिजीत दीपके ने अपने संदेश में कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल लोग अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाते रहेंगे। उनके बयान के बाद आंदोलन से जुड़े समर्थकों के बीच भी सक्रियता बढ़ी है। वहीं, CJP का कहना है कि विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के साथ संवाद की प्रक्रिया भी जारी है।
बिहार में भी तेज हुआ विरोध
दिल्ली के घटनाक्रम का असर बिहार में भी देखने को मिला। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने कथित NEET पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बिहार बंद का आह्वान किया। प्रदर्शनकारियों ने समस्तीपुर-पटना मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाईं। आंदोलनकारियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। राज्य के कई जिलों में धरने और विरोध कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
युवाओं पर मोहन भागवत की टिप्पणी
इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने नई पीढ़ी की सोच पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आज के युवा बिना तर्क और कारण जाने किसी भी बात को स्वीकार नहीं करते। उनके अनुसार बदलते समय में युवाओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवारों के भीतर संवाद की कमी एक चुनौती बनती जा रही है और इसे दूर करने के लिए सभी को प्रयास करने चाहिए।
सोनम वांगचुक ने समझौते की अटकलों को नकारा
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने अनशन समाप्त करने को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार के साथ किसी तरह का समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान उनकी प्राथमिकता आंदोलन में शामिल छात्रों को हिंसा और कानूनी कार्रवाई से सुरक्षित रखना थी। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर उचित निर्णय लिया जाएगा। दूसरी ओर, सरकार और CJP के बीच संवाद जारी रहने की बात भी सामने आई है।