CJP Protest पर NDA की चुप्पी: TDP-JDU ने क्यों नहीं खोले पत्ते?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है। इस बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दो प्रमुख सहयोगी दल—तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और जनता दल (यू) ने इस पूरे विवाद पर बेहद संतुलित और सतर्क रुख अपनाया है। दोनों दलों ने छात्रों की भावनाओं के प्रति सहानुभूति जताई है, लेकिन सरकार के खिलाफ खुलकर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया है। इससे राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि सहयोगी दल इस मुद्दे पर फिलहाल टकराव से बचना चाहते हैं।
NDA सहयोगियों ने साधी संतुलित चुप्पी
दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शन को लेकर TDP और JDU ने अब तक कोई आक्रामक राजनीतिक रुख नहीं अपनाया है। दोनों दलों का कहना है कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले स्थिति को शांतिपूर्वक संभालना जरूरी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने के लिए सहयोगी दल फिलहाल सार्वजनिक बयानबाजी से बच रहे हैं। यही वजह है कि दोनों पार्टियों ने सरकार की खुली आलोचना करने के बजाय संयमित प्रतिक्रिया देना बेहतर समझा।
TDP नेताओं ने क्या कहा?
तेलुगु देशम पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में युवा अपनी मांगों और चिंताओं को सामने रखना चाहते हैं, इसलिए संवाद और समझाइश का रास्ता अधिक प्रभावी होगा। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस विषय पर अभी तक NDA की कोई औपचारिक बैठक नहीं हुई है और न ही पार्टी के भीतर कोई आधिकारिक निर्णय लिया गया है। ऐसे में फिलहाल सार्वजनिक रूप से विस्तृत टिप्पणी करने से बचा जा रहा है।
प्रदर्शन को राजनीतिक रंग मिलने की भी चर्चा
TDP के कुछ नेताओं का यह भी मानना है कि समय के साथ यह आंदोलन राजनीतिक स्वरूप लेता दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि संसद के आगामी विधायी एजेंडे और कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावित विधेयकों को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं, जिसके कारण विरोध-प्रदर्शन का दायरा व्यापक हुआ है। हालांकि पार्टी ने इस विषय पर कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया है। नेताओं का कहना है कि सभी पक्षों को लोकतांत्रिक मर्यादा के भीतर रहकर समाधान तलाशना चाहिए ताकि छात्रों की वास्तविक चिंताओं पर भी प्रभावी ढंग से चर्चा हो सके।
JDU ने छात्रों से संयम बरतने की अपील की
जनता दल (यू) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन उन्हें किसी भी तरह के भड़कावे या अवांछित गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया जा चुका है, इसलिए छात्रों को धैर्य रखना चाहिए। JDU का कहना है कि आंदोलन के दौरान ऐसे तत्व भी सक्रिय हो सकते हैं जो अपने निजी हितों के लिए माहौल बिगाड़ने का प्रयास करें, इसलिए छात्रों को सतर्क रहना चाहिए और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।
बिहार में भी दिखा प्रदर्शन का असर
दिल्ली में चल रहे आंदोलन का प्रभाव बिहार के कई जिलों में भी देखने को मिला। अलग-अलग स्थानों पर छात्रों और संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन किए। कुछ इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की। इस घटनाक्रम के बाद राज्य में भी आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। विभिन्न दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों की समस्याओं के समाधान और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
BJP ने क्या कहा?
बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष संतोष पाठक ने कहा कि छात्रों की पीड़ा को समझा जाना चाहिए और पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस विषय पर पहले ही कदम उठा चुकी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। साथ ही उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे विरोध के दौरान किसी भी प्रकार की अभद्र भाषा या हिंसक गतिविधियों से बचें। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर
दिल्ली में हुए घटनाक्रम के बाद विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती गई, जबकि सरकार का पक्ष है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। आने वाले दिनों में यदि NDA की औपचारिक बैठक होती है, तो सहयोगी दलों का रुख और अधिक स्पष्ट हो सकता है। फिलहाल TDP और JDU दोनों ही संतुलित भाषा में अपनी प्रतिक्रिया देकर राजनीतिक विवाद से दूरी बनाए हुए हैं।