भीलवाड़ा में यूडीएच मंत्री का घेराव, प्रॉपर्टी व्यवसायियों ने उठाए भ्रष्टाचार के मुद्दे, निकाय चुनाव पर भी दिया बड़ा बयान
भीलवाड़ा नगर विकास न्यास (यूआईटी) कार्यालय में आयोजित शहरी जन सेवा शिविर के दौरान उस समय माहौल गर्मा गया, जब प्रॉपर्टी व्यवसायियों और स्थानीय लोगों ने यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा का घेराव कर विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान व्यवसायियों ने यूआईटी में कथित भ्रष्टाचार और लंबित कार्यों का मुद्दा उठाया। वहीं मंत्री ने समस्याएं लिखित में देने की बात कही और नगर निकाय चुनाव व ओबीसी आरक्षण की प्रक्रिया को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
प्रॉपर्टी व्यवसायियों ने रखीं समस्याएं, मंत्री बोले- लिखित में दें शिकायत
यूआईटी कार्यालय में जन सेवा शिविर का निरीक्षण कर रहे यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के सामने प्रॉपर्टी व्यवसायियों ने आवासीय योजनाओं, रजिस्ट्री, नामांतरण और अन्य लंबित मामलों को लेकर अपनी शिकायतें रखीं। इस दौरान मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि समस्याओं का समाधान संवाद और लिखित शिकायत के आधार पर होगा। उन्होंने कहा कि सभी मुद्दे विस्तार से लिखकर दें ताकि संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उचित कार्रवाई की जा सके। मंत्री की इस टिप्पणी के दौरान मौके पर कुछ देर तक बहस का माहौल भी बना रहा।
यूआईटी पर भ्रष्टाचार के आरोप, व्यवसायियों ने उठाई पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन के दौरान प्रॉपर्टी व्यवसायियों ने यूआईटी अधिकारियों पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उनका कहना था कि विभिन्न कार्यों के लिए अतिरिक्त धन की मांग की जाती है। एक प्रतिनिधि ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि अलग-अलग कार्यों के लिए कथित रूप से राशि ली जाती है तो उसकी सूची ही कार्यालय में प्रदर्शित कर दी जाए, ताकि लोगों को पहले से जानकारी मिल सके। हालांकि इन आरोपों पर यूआईटी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
निकाय चुनाव को लेकर सरकार ने तैयारियां पूरी होने का किया दावा
मीडिया से बातचीत में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि नगर निकाय और पंचायत राज चुनावों की तैयारी के लिए राज्य सरकार अपना अधिकांश कार्य पहले ही पूरा कर चुकी है। उन्होंने बताया कि निकायों की सीमा वृद्धि, वार्डों का पुनर्गठन और परिसीमन जैसी प्रक्रियाएं पूरी की जा चुकी हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इनसे जुड़ा एक मामला राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित था, जिसमें सरकार के पक्ष में निर्णय आया है। अब आगे की प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग के स्तर पर होगी।
अगस्त में ओबीसी आंकड़े पेश होने की उम्मीद, आरक्षण पर होगी अगली कार्रवाई
यूडीएच मंत्री ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार राजनीतिक आरक्षण के लिए राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ट्रिपल टेस्ट के आधार पर आवश्यक आंकड़े जुटा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले कुछ कारणों से इस प्रक्रिया में देरी हुई, लेकिन अब काम फिर से शुरू हो गया है। मंत्री के अनुसार आयोग अगस्त माह में न्यायालय के समक्ष आंकड़े प्रस्तुत करेगा। इसके बाद राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला आरक्षण से संबंधित स्थिति स्पष्ट कर राज्य निर्वाचन आयोग को आवश्यक प्रस्ताव भेज देगी। इससे निकाय चुनाव की आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है।
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