सोनम वांगचुक के अनशन खत्म होने के बाद तेज हुई सियासत, RSS, सरकार और विपक्ष की आई अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), केंद्र सरकार और विपक्षी नेताओं ने इस घटनाक्रम पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। जहां RSS नेता इंद्रेश कुमार ने CJP को लेकर गंभीर आरोप लगाए, वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी अपने-अपने पक्ष रखे।
RSS नेता इंद्रेश कुमार ने CJP पर लगाए आरोप
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बाद RSS के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को अलग-अलग देखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP पर विदेशी ताकतों का प्रभाव है और आंदोलन को भारतीय हितों के अनुरूप बनाए रखने की जरूरत है। इंद्रेश कुमार ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी ऐसे संगठन या विचारधारा से सावधान रहें, जिस पर विदेशी प्रभाव होने का आरोप लगाया जाता है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित संगठन की ओर से इस खबर के प्रकाशित होने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों से निपटने के लिए सख्त कानून, फास्ट-ट्रैक अदालतें और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे कदम प्रस्तावित किए गए हैं। गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सरकार समाधान की दिशा में काम कर रही है।
संजय राउत ने अनशन खत्म कराने के तरीके पर उठाए सवाल
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने सोनम वांगचुक के लंबे अनशन की सराहना करते हुए कहा कि 26 दिनों तक भूख हड़ताल जारी रखना आसान नहीं होता। उन्होंने वांगचुक के स्वास्थ्य और सामाजिक योगदान का उल्लेख किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जिस सरकार के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में अनशन समाप्त हुआ, उसी सरकार पर आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती बरतने के आरोप लगे थे। राउत ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष समीक्षा की आवश्यकता बताई।
अनशन खत्म होने के बाद भी जारी है बहस
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बाद भी परीक्षा सुधार, शिक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलनों को लेकर राजनीतिक बहस थमती नजर नहीं आ रही है। एक ओर सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और सख्त कानूनों की बात कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष और विभिन्न संगठनों की ओर से आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और राजनीतिक मंचों पर चर्चा जारी रहने की संभावना है।