छात्रों को ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देने वाला पुलिसकर्मी निलंबित, वायरल वीडियो पर राज ठाकरे ने उठाए सवाल
मुंबई में छात्र प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देने वाले एक पुलिसकर्मी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने उसे निलंबित कर दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
वायरल वीडियो से खड़ा हुआ विवाद
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक पुलिस वाहन के भीतर कुछ छात्र प्रदर्शनकारी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में एक पुलिसकर्मी कथित रूप से प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देता सुनाई देता है कि यदि वे दोबारा आंदोलन में शामिल हुए तो उनकी जेब में मादक पदार्थ रखकर उनके खिलाफ एनडीपीएस कानून के तहत मामला दर्ज कर दिया जाएगा। वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले ने व्यापक चर्चा और विवाद का रूप ले लिया।
मुंबई पुलिस ने शुरू की जांच, पुलिसकर्मी निलंबित
मामला सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए वीडियो की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पहले वीडियो की सत्यता और पूरे घटनाक्रम का सत्यापन किया जाएगा। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संबंधित पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्र आंदोलन के दौरान हिरासत में लिए गए थे प्रदर्शनकारी
जानकारी के अनुसार, यह वीडियो उस समय का बताया जा रहा है जब छात्र आंदोलन के समर्थन में मुंबई में प्रदर्शन किए जा रहे थे। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो पुलिस वाहन के अंदर उसी दौरान रिकॉर्ड किया गया। हालांकि पुलिस ने वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से परहेज किया है।
राज ठाकरे ने सरकार और पुलिस पर साधा निशाना
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि वीडियो सही है तो यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई पुलिसकर्मी किसी व्यक्ति की जेब में ड्रग्स रखने की बात कह रहा है, तो इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। राज ठाकरे ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि कानून व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बना रहे।