ब्लैक सी में बढ़ा तनाव: यूक्रेन ने रूस पर खाद्य आपूर्ति बाधित करने का आरोप लगाया, UN से आपात बैठक की मांग
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अब ब्लैक सी (काला सागर) वैश्विक खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता का केंद्र बन गया है। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस नागरिक मालवाहक जहाजों को निशाना बनाकर अनाज निर्यात रोकने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने इस स्थिति की तुलना होर्मुज जलडमरूमध्य में ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़े तनाव से करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। रूस ने इन आरोपों से अलग अपना पक्ष रखा है।
यूक्रेन का आरोप- ब्लैक सी में नागरिक जहाजों पर हमले
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने दावा किया कि हाल के दिनों में ब्लैक सी में कई नागरिक मालवाहक जहाजों पर हमले हुए हैं। उनके अनुसार, इन घटनाओं में कुछ चालक दल के सदस्यों की मौत हुई जबकि कई अन्य घायल हुए। यूक्रेन का कहना है कि इन हमलों के कारण अनाज निर्यात प्रभावित हुआ है और ब्लैक सी समुद्री गलियारे से जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है।
‘वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर दबाव’ का दावा
सिबिहा ने आरोप लगाया कि जिस तरह होर्मुज जलडमरूमध्य में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंता पैदा हुई थी, उसी प्रकार ब्लैक सी में अनाज आपूर्ति प्रभावित होने से दुनिया के खाद्य बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि यूक्रेन से अनाज का निर्यात लंबे समय तक बाधित रहा, तो अफ्रीका, एशिया, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका के कई देशों में खाद्य संकट और महंगाई बढ़ सकती है।
संयुक्त राष्ट्र से आपात बैठक की मांग
यूक्रेन ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। यूक्रेनी सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ब्लैक सी में सुरक्षित समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने और वैश्विक खाद्य आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाने के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है।
रूस ने आरोपों को किया खारिज
रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसके हमले केवल उन जहाजों पर केंद्रित थे, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से यूक्रेनी सेना के लिए सैन्य सामग्री पहुंचाने में किया जा रहा था। दूसरी ओर, यूक्रेन का दावा है कि निशाना बनाए गए जहाजों में नागरिक मालवाहक पोत भी शामिल थे। दोनों देशों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल संभव नहीं हो सकी है।
शिपिंग कंपनियों ने बदला समुद्री मार्ग
बढ़ते सुरक्षा जोखिम के बीच कई समुद्री परिवहन कंपनियां भी सतर्क हो गई हैं। डेनमार्क की प्रमुख शिपिंग कंपनी Maersk ने सुरक्षा कारणों से यूक्रेन के एक प्रमुख बंदरगाह के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। अब कुछ कार्गो वैकल्पिक बंदरगाहों के माध्यम से भेजे जा रहे हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
वैश्विक व्यापार और खाद्य बाजार पर असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ब्लैक सी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता रहा, तो इसका प्रभाव केवल रूस और यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा। यह वैश्विक अनाज आपूर्ति, समुद्री व्यापार, खाद्य कीमतों और आयात पर निर्भर देशों की खाद्य सुरक्षा को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस क्षेत्र के घटनाक्रम पर बनी हुई है।