जंतर-मंतर जा रहे बस्तर के लोगों का आरोप: ‘पहचान पूछकर रोका, कहा- आगे नहीं जा सकते’
दिल्ली के जंतर-मंतर में चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के कुछ लोगों ने दिल्ली पुलिस पर रास्ते में रोकने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उनसे पहचान और आने का स्थान पूछने के बाद उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। हालांकि, इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने लगाए रोकने के आरोप
जंतर-मंतर की ओर जा रहे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन में भाग लेने के लिए राजधानी पहुंचे थे। उनके अनुसार, रास्ते में पुलिस ने उनसे पूछताछ की और उनके गंतव्य तथा पहचान के बारे में जानकारी ली। प्रदर्शन में शामिल लोगों का आरोप है कि इसके बाद उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। फिलहाल, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।
‘पहचान के आधार पर व्यवहार’ का दावा
कुछ प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनसे यह पूछा गया कि वे कहां से आए हैं। उनका कहना है कि बस्तर से होने की जानकारी देने के बाद उनके साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इन आरोपों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट या पुलिस का बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है। इसलिए मामले के सभी तथ्यों का स्पष्ट होना अभी बाकी है।
लोकतांत्रिक अधिकारों का हवाला
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपने मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने के लिए दिल्ली आए थे। उनका दावा है कि किसी क्षेत्र विशेष से होने के आधार पर किसी नागरिक को संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि संविधान सभी नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार देता है और इसी भावना के साथ वे प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे।
बस्तर और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर छिड़ी बहस
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब सरकार लगातार बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में सुधार और नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने का दावा करती रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि क्षेत्र में हालात सामान्य हो रहे हैं, तो वहां के लोगों के प्रति पूर्वाग्रह की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। दूसरी ओर, सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा जांच को आवश्यक प्रक्रिया बताती रही हैं। इस मामले में भी वास्तविक स्थिति आधिकारिक जांच या पुलिस के स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
दिल्ली पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा कारणों से रोका गया था या परिस्थितियां कुछ और थीं। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वस्तुस्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, मामला आरोप और प्रत्यारोप के स्तर पर है।