जयपुर में वकीलों का सड़क पर प्रदर्शन, तीन मांगों को लेकर एसडीओ कोर्ट का बहिष्कार; हड़ताल की चेतावनी
जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में अधिवक्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। बार एसोसिएशन के आह्वान पर वकीलों ने हल्दीघाटी मार्ग पर धरना देकर यातायात बाधित किया और एसडीओ कोर्ट के बहिष्कार का ऐलान किया। मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन और कार्य बहिष्कार की चेतावनी भी दी गई है।
हल्दीघाटी मार्ग पर धरना, यातायात हुआ प्रभावित
बुधवार सुबह सांगानेर बार एसोसिएशन से जुड़े बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर से रैली निकालकर हल्दीघाटी गेट पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्य मार्ग पर बैठकर प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। अचानक सड़क जाम होने से हल्दीघाटी मार्ग, एयरपोर्ट रोड, प्रताप नगर और आसपास के इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित कराया।
बार एसोसिएशन की बैठक में लिया गया था आंदोलन का निर्णय
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह प्रदर्शन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया। हाल ही में हुई साधारण सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि यदि लंबित मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इसी निर्णय के तहत अधिवक्ताओं ने एसडीओ न्यायालय का बहिष्कार करते हुए विरोध दर्ज कराया और प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया।
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तीन प्रमुख मांगों को लेकर अड़े अधिवक्ता
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं की मुख्य मांगों में सांगानेर न्यायालय के लिए स्वीकृत भूमि पर नए कोर्ट भवन के निर्माण हेतु बजट जारी करना, नए तहसील भवन का निर्माण शीघ्र शुरू कराना तथा सांगानेर एसडीओ कोर्ट की सुनवाई नियमित रूप से मुख्यालय पर संचालित करना शामिल है। इसके अलावा एसडीओ अपीलों के क्षेत्राधिकार में किए गए बदलाव को वापस लेने की भी मांग की गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इन मांगों का सीधा संबंध न्यायिक व्यवस्था और आम लोगों की सुविधा से है।
कोर्ट का कामकाज प्रभावित, पक्षकारों को हुई परेशानी
अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के कारण सांगानेर एसडीओ न्यायालय में न्यायिक कार्य प्रभावित रहा। कई मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी, जिससे दूर-दराज से पहुंचे पक्षकारों को बिना सुनवाई लौटना पड़ा। बार एसोसिएशन ने यह भी घोषणा की है कि 31 जुलाई और 1 अगस्त को सिविल न्यायालय में भी पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इससे न्यायिक कार्यों पर और अधिक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज
बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन और राज्य सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेते हैं तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक लंबित मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
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