जयपुर में भाजपा का कांग्रेस मुख्यालय घेराव आज, राजनीतिक तनाव के बीच सुरक्षा बढ़ी
राजस्थान की राजधानी जयपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के घेराव का ऐलान किया है, जबकि एक दिन पहले कांग्रेस ने राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन किया था। दोनों दलों के कार्यक्रमों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
भाजपा का कांग्रेस मुख्यालय घेरने का कार्यक्रम
भारतीय जनता पार्टी ने जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) मुख्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन और घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है। पार्टी के अनुसार, इस प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ करेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। भाजपा का कहना है कि यह प्रदर्शन हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और कांग्रेस के विरोध कार्यक्रमों के जवाब में आयोजित किया जा रहा है।
दिल्ली के घटनाक्रम को लेकर भाजपा का विरोध
भाजपा नेताओं का कहना है कि दिल्ली में हुए हालिया राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन हुआ। इसी मुद्दे को आधार बनाकर पार्टी ने जयपुर में विरोध-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। भाजपा नेतृत्व का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक पदों के सम्मान को लेकर जनता के बीच अपना पक्ष रखा जाएगा।
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एक दिन पहले कांग्रेस ने किया था प्रदर्शन
भाजपा के प्रदर्शन से पहले कांग्रेस ने जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए थे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और सांकेतिक गिरफ्तारियां दीं। इसके बाद राज्य की राजनीति में दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
संभावित टकराव को देखते हुए पुलिस अलर्ट
दोनों दलों के लगातार प्रदर्शनों को देखते हुए जयपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। चांदपोल, एमआई रोड, सी-स्कीम और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कांग्रेस मुख्यालय की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने न आएं और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सभी राजनीतिक दलों को शांतिपूर्ण ढंग से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए जाएंगे।