भोपाल में डॉक्टर ने महिला पर लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप, 20 लाख रुपये ऐंठने का केस दर्ज
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक सरकारी डॉक्टर ने एक महिला पर ब्लैकमेलिंग और उगाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर का दावा है कि महिला ने उन्हें दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने और निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर करीब 20 लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
दोस्ती के बाद बढ़ा संपर्क, आर्थिक मदद का आरोप
शिकायत के अनुसार, डॉक्टर की मुलाकात स्वास्थ्य विभाग के एक पूर्व अधिकारी के माध्यम से महिला से हुई थी। डॉक्टर का आरोप है कि महिला पहले उनके परिवार के संपर्क में आई और धीरे-धीरे भरोसा जीत लिया। इसके बाद उसने बीमारी, निजी परेशानियों और घर की किस्त जैसे कारण बताते हुए कई बार आर्थिक सहायता मांगी। डॉक्टर का कहना है कि इसी दौरान उन्होंने महिला को करीब 12 लाख रुपये उधार दिए। बदले में महिला ने कथित तौर पर पांच लाख रुपये का चेक दिया और उसे उनकी अनुमति के बिना बैंक में जमा नहीं करने को कहा।
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पैसे मांगने पर धमकी देने का आरोप
डॉक्टर का आरोप है कि जब उन्होंने उधार दी गई रकम वापस मांगी, तो महिला ने उन्हें दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने और सामाजिक व पेशेवर छवि खराब करने की धमकी दी। शिकायत के मुताबिक, इन धमकियों के कारण उन्होंने अलग-अलग समय पर अतिरिक्त रकम भी दी। डॉक्टर का दावा है कि अगस्त 2025 में करीब 12.5 लाख रुपये और नवंबर 2025 में लगभग 7.5 लाख रुपये महिला को दिए गए। इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
निजी तस्वीरें वायरल करने और परिवार को धमकाने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि महिला फोन कॉल, व्हाट्सएप संदेश और अन्य माध्यमों से लगातार ब्लैकमेल करती रही। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि महिला निजी तस्वीरें और ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देती थी। साथ ही उनकी पत्नी और नाबालिग बेटे को भी धमकाने तथा अतिरिक्त 25 लाख रुपये की मांग करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
हबीबगंज थाना पुलिस ने डॉक्टर की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तथ्यों की जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।