CJP Protest: प्रियंका चतुर्वेदी का केंद्र पर हमला, पूछा- ‘धर्मेंद्र प्रधान को आखिर क्यों बचाया जा रहा है?’
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन NEET-UG परीक्षा और कथित पेपर लीक विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफे की मांग के बावजूद पद पर क्यों बनाए रखा गया है। वहीं संसद में विपक्ष ने छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा।
प्रियंका चतुर्वेदी ने पीएम मोदी के संबोधन पर उठाए सवाल
शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने युवा उद्यमियों और स्टार्टअप की उपलब्धियों का उल्लेख किया, लेकिन NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवाद और प्रभावित छात्रों की चिंताओं पर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
‘धर्मेंद्र प्रधान को क्यों बचा रही है सरकार?’
प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार उन्हें पद पर बनाए हुए है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि शिक्षा मंत्री को हर हाल में संरक्षण दिया जा रहा है। उनका कहना था कि जब परीक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, तब जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
NEET-UG और पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष का दबाव
संसद के पहले दिन विपक्ष ने NEET-UG परीक्षा और कथित पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
संसद में पहले ही दिन हंगामा, कई बार स्थगित हुई कार्यवाही
मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही लोकसभा और राज्यसभा दोनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार से चर्चा की मांग करते हुए नारेबाजी की। लगातार हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
स्पीकर ओम बिरला ने की शांति बनाए रखने की अपील
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद सभी दलों से लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करने और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद जनता की आवाज उठाने का सर्वोच्च मंच है और सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। हालांकि, विपक्ष के विरोध के चलते कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।
छात्रों के मुद्दे पर सियासी घमासान जारी
NEET-UG परीक्षा और कथित पेपर लीक का मुद्दा अब संसद से लेकर सड़कों तक राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से इस मामले पर अलग-अलग स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आने वाले दिनों में संसद के भीतर इस मुद्दे पर और तीखी बहस देखने को मिल सकती है।