Re-NEET 2026: फर्जी और AI जनरेटेड OMR शीट पर NTA सख्त, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
री-नीट यूजी 2026 की शिकायतों की जांच के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को कथित तौर पर कई फर्जी, एडिटेड और AI से तैयार की गई OMR शीट्स मिलने का दावा किया गया है। एजेंसी ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों को चेतावनी दी है कि शिकायत दर्ज कराते समय केवल आधिकारिक रिकॉर्ड का ही इस्तेमाल करें। जाली दस्तावेज मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
शिकायतों की जांच में सामने आए संदिग्ध OMR दस्तावेज
री-नीट यूजी 2026 के परिणाम जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने अपने अंकों और OMR रिकॉर्ड में अंतर होने का दावा करते हुए शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों की जांच के दौरान एनटीए को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले, जो कथित रूप से आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते थे। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि कुछ OMR शीट्स को एडिटिंग सॉफ्टवेयर या AI टूल्स की मदद से बदला गया हो सकता है। हालांकि, प्रत्येक मामले की अलग-अलग जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
NTA ने जारी की सख्त चेतावनी
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि शिकायत दर्ज कराने के लिए केवल आधिकारिक OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स का ही उपयोग किया जाए। एजेंसी ने कहा है कि यदि कोई अभ्यर्थी जानबूझकर फर्जी या संशोधित दस्तावेज जमा करता है, तो उसके खिलाफ लागू नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट जानकारी या भ्रामक दावों के आधार पर कोई कदम न उठाएं।
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डिजिटल रिकॉर्ड से हो जाता है सत्यापन
परीक्षा एजेंसियों के पास OMR शीट, उत्तरों और परीक्षा रिकॉर्ड का डिजिटल डेटाबेस सुरक्षित रहता है। ऐसे में शिकायत मिलने पर उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान आधिकारिक रिकॉर्ड से किया जाता है। यदि किसी दस्तावेज में छेड़छाड़ या बदलाव पाया जाता है, तो उसकी पहचान तकनीकी जांच के दौरान संभव हो जाती है। यही कारण है कि एजेंसी ने अभ्यर्थियों को केवल आधिकारिक पोर्टल से डाउनलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर ही आपत्ति दर्ज कराने की सलाह दी है।
फर्जी दस्तावेज देने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड में जानबूझकर हेरफेर करता है या जाली दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में जांच के आधार पर पुलिस केस दर्ज होने, परीक्षा संबंधी कार्रवाई होने या अन्य कानूनी परिणाम सामने आ सकते हैं। हालांकि प्रत्येक मामले में अंतिम निर्णय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही लिया जाता है।
काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं लाखों अभ्यर्थी
री-नीट यूजी 2026 की सत्यापन प्रक्रिया के बीच सफल अभ्यर्थी अब एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि शिकायतों की जांच पूरी होने के बाद संबंधित काउंसलिंग प्राधिकरण ऑल इंडिया 15 प्रतिशत कोटा और अन्य प्रवेश प्रक्रियाओं का कार्यक्रम जारी करेगा। अधिकारियों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि प्रवेश प्रक्रिया और नया शैक्षणिक सत्र निर्धारित समय पर शुरू हो सके।
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