महाराष्ट्र में चार्जिंग के दौरान ई-बाइक में लगी आग, दो इलेक्ट्रिक वाहन जलकर राख
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ स्थित वाल्हेकरवाड़ी इलाके में चार्जिंग के दौरान दो इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की लपटें पास की दो मंजिला इमारत तक पहुंच गईं। दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया और एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि एक अन्य व्यक्ति झुलसकर घायल हो गया। घटना के बाद ईवी चार्जिंग सुरक्षा और बैटरी से जुड़े मानकों पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।
चार्जिंग के दौरान अचानक भड़की आग
वाल्हेकरवाड़ी के दगडोबा चौक क्षेत्र में ग्राउंड फ्लोर पर चार्जिंग के लिए खड़ी दो इलेक्ट्रिक बाइक में अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पहले एक बाइक में आग भड़की और कुछ ही देर में दूसरी ई-बाइक भी उसकी चपेट में आ गई। आग तेजी से फैलने लगी, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए।
दमकल ने समय रहते किया रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। फायर कंट्रोल रूम को सुबह करीब 7:18 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। राहत और बचाव अभियान के दौरान दमकलकर्मियों ने इमारत में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, आग की चपेट में आने से एक अन्य व्यक्ति झुलस गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। आग पर काबू पाने के बाद स्थिति सामान्य हुई।
दो ई-बाइक पूरी तरह जलकर हुईं नष्ट
इस हादसे में दोनों इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसका असर इमारत के निचले हिस्से तक देखा गया। फिलहाल अधिकारियों ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में आग चार्जिंग के दौरान लगने की आशंका जताई गई है, लेकिन वास्तविक कारण का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
जांच जारी, सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियां आग लगने की वजह की जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि आग बैटरी, चार्जिंग सिस्टम या किसी अन्य तकनीकी कारण से लगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, आग के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। अधिकारियों ने लोगों से ईवी चार्जिंग के दौरान निर्धारित सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
विशेषज्ञों ने बरतने की सलाह दी सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग हमेशा प्रमाणित चार्जर और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था के साथ की जानी चाहिए। बैटरी में किसी तरह की खराबी, अनधिकृत चार्जिंग उपकरण या ओवरहीटिंग जैसी परिस्थितियां जोखिम बढ़ा सकती हैं। ऐसे मामलों में निर्माता द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना और नियमित तकनीकी जांच कराना दुर्घटनाओं की संभावना को कम कर सकता है।