‘सैयारा’ के सुपरहिट गाने पर रॉयल्टी विवाद, तनिष्क बागची बोले- करोड़ों की सफलता के बाद भी मिले सिर्फ 8 लाख रुपये
फिल्म ‘सैयारा’ के टाइटल ट्रैक की जबरदस्त सफलता के एक साल बाद संगीतकार तनिष्क बागची के बयान ने म्यूजिक इंडस्ट्री में रॉयल्टी और कलाकारों के अधिकारों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। तनिष्क का कहना है कि दुनियाभर में लोकप्रिय हुए इस गीत से मिली सफलता के बावजूद उन्हें अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिला। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि अपने अनुभव को साझा करना है।
रॉयल्टी को लेकर तनिष्क बागची ने जताई नाराजगी
संगीतकार और गायक तनिष्क बागची ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक विस्तृत नोट में बताया कि ‘सैयारा’ उनके करियर का बेहद खास प्रोजेक्ट रहा। उन्होंने दावा किया कि इस गाने को तैयार करने में उन्होंने पूरी मेहनत और समर्पण लगाया, लेकिन इसकी व्यावसायिक सफलता के मुकाबले उन्हें बेहद कम रॉयल्टी मिली। उनके अनुसार उपलब्ध रॉयल्टी स्टेटमेंट में करीब 8 लाख रुपये की राशि लंबित है, जबकि गाना करोड़ों लोगों तक पहुंच चुका है। उन्होंने इस रकम को सफलता के अनुपात में बेहद कम बताया और कहा कि यह मुद्दा केवल उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे संगीत उद्योग के लिए सोचने का विषय है।
रिकॉर्डिंग और प्रोडक्शन में ही खर्च हो गई शुरुआती फीस
तनिष्क बागची ने बताया कि यह यशराज एंटरटेनमेंट के साथ उनका पहला प्रोजेक्ट था और उन्होंने इस फिल्म के संगीत पर पूरा भरोसा करते हुए काम किया। उनके मुताबिक, प्रोडक्शन से मिली शुरुआती फीस का बड़ा हिस्सा लाइव रिकॉर्डिंग, मिक्सिंग, म्यूजिक प्रोडक्शन और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं में खर्च हो गया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट पूरा होने तक उनके पास आर्थिक रूप से बहुत कम बचा। उनका मानना है कि किसी गीत की बड़ी सफलता के बाद रचनाकारों को उचित रॉयल्टी मिलनी चाहिए ताकि उनकी मेहनत का वास्तविक सम्मान हो सके।
‘सहानुभूति नहीं, सिर्फ अपना अनुभव साझा कर रहा हूं’
अपने पोस्ट में तनिष्क ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी से सहानुभूति हासिल करना या विवाद खड़ा करना नहीं है। उन्होंने लिखा कि वह केवल यह बताना चाहते हैं कि एक सफल गीत के पीछे कितनी मेहनत, समय और समर्पण लगता है। उनका कहना है कि इस पूरे अनुभव ने उन्हें इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली को नए नजरिए से समझने का मौका दिया। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में वे उन्हीं लोगों के साथ काम करना पसंद करेंगे जो कलाकारों के योगदान और रचनात्मक मेहनत का सम्मान करते हों।
‘सफलता के बाद कई बार असली योगदान देने वालों को भुला दिया जाता है’
तनिष्क बागची ने अपने संदेश में यह भी कहा कि कई बार किसी प्रोजेक्ट की सफलता के बाद उन लोगों को पर्याप्त पहचान और सम्मान नहीं मिल पाता जिन्होंने उसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई होती है। उन्होंने इस अनुभव को भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण बताया, लेकिन साथ ही कहा कि इससे उन्हें भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सीख मिली है। उनके अनुसार, कलाकारों के अधिकार, पारदर्शी भुगतान व्यवस्था और रॉयल्टी प्रणाली पर गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है।
मोहित सूरी और इरशाद कामिल का किया धन्यवाद
अपने नोट के अंत में तनिष्क बागची ने फिल्म के निर्देशक मोहित सूरी और गीतकार इरशाद कामिल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों ने पूरे प्रोजेक्ट के दौरान उनके काम का सम्मान किया और उनका सहयोग किया। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि बाकी बातों को वह समय, भगवान और अपने कर्म पर छोड़ते हैं। उल्लेखनीय है कि ‘सैयारा’ के टाइटल ट्रैक को फहीम अब्दुल्ला ने आवाज दी थी, जबकि संगीत तनिष्क बागची, फहीम अब्दुल्ला और अरसलान निजामी ने मिलकर तैयार किया था।