सोनम वांगचुक के सवाल पर विवेक ओबेरॉय की चुप्पी बनी विवाद, सोशल मीडिया पर तेज हुई आलोचना
अभिनेता विवेक ओबेरॉय एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल से जुड़े सवाल पर सीधे जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने खुद को अभिनेता बताते हुए राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी करने से परहेज किया और लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार होने की बात कही। हालांकि उनके इस संतुलित लेकिन अस्पष्ट जवाब को सोशल मीडिया पर कई लोगों ने पसंद नहीं किया, जिसके बाद उनकी प्रतिक्रिया को लेकर बहस और आलोचना तेज हो गई।
सोनम वांगचुक के सवाल पर विवेक ओबेरॉय का जवाब चर्चा में
हाल ही में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में अभिनेता विवेक ओबेरॉय से सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि वह एक अभिनेता हैं, किसी राजनीतिक दल या सरकार का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए राजनीतिक विषयों पर टिप्पणी करने से बचते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है। हालांकि उन्होंने वांगचुक के आंदोलन के पक्ष या विपक्ष में कोई स्पष्ट राय नहीं रखी, जिससे उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उठाए सवाल
विवेक ओबेरॉय का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस बयान को लेकर बहस शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि अभिनेता ने सीधे सवाल का जवाब देने के बजाय संतुलित और गोलमोल प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों का कहना था कि जब कोई सार्वजनिक हस्ती समाज से जुड़े अहम मुद्दों पर अपनी बात रखने से बचती है तो इससे लोगों के बीच अलग संदेश जाता है। वहीं कुछ यूजर्स ने अभिनेता के बयान का समर्थन भी किया और कहा कि किसी भी व्यक्ति को हर राजनीतिक या सामाजिक मुद्दे पर सार्वजनिक टिप्पणी करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
फिल्मी करियर को लेकर भी की गई टिप्पणियां
सोशल मीडिया पर चल रही बहस केवल विवेक ओबेरॉय के बयान तक सीमित नहीं रही। कई यूजर्स ने उनकी फिल्मों और पूर्व में निभाए गए किरदारों का हवाला देते हुए सवाल उठाए कि यदि फिल्मों के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक विषयों को दिखाया जा सकता है, तो वास्तविक घटनाओं पर स्पष्ट राय देने में संकोच क्यों दिखाया गया। कुछ लोगों ने उनकी आने वाली फिल्मों का भी जिक्र करते हुए कहा कि दर्शक अब कलाकारों के सार्वजनिक रुख को भी गंभीरता से देखते हैं। हालांकि इन टिप्पणियों पर अभिनेता की ओर से कोई अतिरिक्त प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
20वें दिन में पहुंची सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल
दूसरी ओर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल लगातार जारी है और यह 20वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। चिकित्सकों के अनुसार लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है और उनका वजन भी पहले की तुलना में कम हुआ है। उनकी सेहत को देखते हुए मेडिकल निगरानी जारी है। इस बीच उनके स्वास्थ्य और आंदोलन को लेकर न्यायालय में भी याचिका दायर की गई है। वांगचुक ने फिलहाल अपना अनशन समाप्त करने से इनकार किया है और सरकार के साथ सार्थक बातचीत की मांग दोहराई है।
बयान से ज्यादा ट्रोलिंग बनी चर्चा का विषय
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा विवेक ओबेरॉय के बयान की बजाय उस पर आई सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं की रही। इंटरनेट पर वायरल वीडियो के बाद समर्थकों और आलोचकों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। एक पक्ष का मानना है कि सार्वजनिक हस्तियों को सामाजिक मुद्दों पर स्पष्ट रुख रखना चाहिए, जबकि दूसरा पक्ष इसे उनका व्यक्तिगत अधिकार बता रहा है। फिलहाल अभिनेता ने विवाद बढ़ने के बाद भी इस विषय पर कोई नई प्रतिक्रिया जारी नहीं की है और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर चर्चा लगातार जारी है।