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वोटर लिस्ट अपडेट का बड़ा मौका: दिल्ली समेत 4 राज्यों में SIR की समय सीमा बढ़ी, जानें नई तारीखें

अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है या उसमें किसी तरह की गलती है, तो अब उसे ठीक कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और पंजाब में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम की कुछ महत्वपूर्ण समय-सीमाओं में बदलाव किया है। इससे बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को घर-घर सत्यापन के लिए अधिक समय मिलेगा और पात्र मतदाताओं को अपने दस्तावेजों की जांच व सुधार का बेहतर अवसर मिलेगा।

मतदाता सत्यापन के लिए बढ़ाया गया समय

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कई राज्यों से फील्ड स्तर पर मतदाता सत्यापन के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की गई थी। इसी के आधार पर संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है। बढ़े हुए समय के दौरान बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करेंगे, ताकि पात्र नागरिकों का नाम सूची से छूटने की संभावना कम हो और गलत या पुरानी जानकारी को समय रहते ठीक किया जा सके। हालांकि, आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया की अंतिम समय-सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दिल्ली और कर्नाटक के लिए नया कार्यक्रम

दिल्ली और कर्नाटक में बूथ लेवल अधिकारी अब 8 अगस्त तक घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन करेंगे। इसी अवधि में मतदान केंद्रों के पुनर्गठन का कार्य भी पूरा किया जाएगा। इसके बाद 17 अगस्त को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित होगी। यदि किसी मतदाता को अपने नाम, पते या अन्य विवरण में सुधार कराना है या किसी नए नाम को जोड़ना है, तो 16 सितंबर तक दावा या आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। सभी आपत्तियों और दावों के निस्तारण के बाद 19 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

तेलंगाना और पंजाब में भी बदला शेड्यूल

तेलंगाना और पंजाब में भी चुनाव आयोग ने सत्यापन प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ा दी है। इन दोनों राज्यों में घर-घर सत्यापन का कार्य अब 3 अगस्त तक चलेगा। इसके बाद तेलंगाना की ड्राफ्ट मतदाता सूची 10 अगस्त, जबकि पंजाब की 13 अगस्त को जारी होगी। मतदाता अपने दावे और आपत्तियां क्रमशः 9 सितंबर (तेलंगाना) और 12 सितंबर (पंजाब) तक दर्ज करा सकेंगे। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद दोनों राज्यों की अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।

क्या है SIR और क्यों है यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण?

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और अधिक विश्वसनीय बनाना है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी प्रत्येक क्षेत्र में जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करते हैं। इस दौरान मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के रिकॉर्ड को हटाया जाता है, जबकि नए पात्र नागरिकों का नाम सूची में जोड़ा जाता है। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद नागरिकों को अपने नाम, पता, आयु या अन्य विवरण में सुधार कराने के लिए दावा या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी दिया जाता है। इससे चुनावी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनती है।

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