सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़ने की वजह क्या है? पत्नी गीतांजलि ने बताई पूरी कहानी
भूख हड़ताल के 19वें दिन भी पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक चिकित्सकीय निगरानी में हैं। इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने एक इंटरव्यू में बताया कि शिक्षा, युवाओं के मुद्दे और जवाबदेही की भावना ही वांगचुक के आंदोलन से जुड़ने की प्रमुख वजह है। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उनकी बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए सरकार को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
पत्नी ने बताई आंदोलन से जुड़ने की वजह
गीतांजलि आंग्मो ने बताया कि सोनम वांगचुक हमेशा से शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर रहे हैं। उनके अनुसार, जब उन्हें छात्रों से जुड़े मुद्दों और युवाओं की चिंताओं की जानकारी मिली तो उन्होंने इस अभियान का समर्थन करने का फैसला किया। उनका कहना है कि वांगचुक चाहते हैं कि समाज के जिम्मेदार और नेक इरादों वाले लोग भी ऐसे जनहित के मुद्दों पर आगे आएं।
‘जवाबदेही जरूरी है’
गीतांजलि ने कहा कि सोनम वांगचुक संबंधित आंदोलन के उद्देश्यों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उनके अनुसार, वांगचुक का मानना है कि सार्वजनिक संस्थानों में जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी टकराव को बढ़ाना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी तय करने की मांग करना है।
दिल्ली के मौसम का स्वास्थ्य पर असर
गीतांजलि आंग्मो ने बताया कि लद्दाख की तुलना में दिल्ली का गर्म और उमस भरा मौसम लंबे उपवास के दौरान स्वास्थ्य पर अधिक प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने कहा कि वांगचुक पहले भी लंबे समय तक उपवास कर चुके हैं, लेकिन दिल्ली की जलवायु के कारण इस बार शारीरिक चुनौतियां अधिक महसूस हो रही हैं। फिलहाल वह चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
पहले भी कई जनआंदोलनों का रहे हिस्सा
सोनम वांगचुक इससे पहले भी लद्दाख से जुड़े विभिन्न जनआंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। वे क्षेत्र को संवैधानिक सुरक्षा, राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची से संबंधित मांगों को लेकर चलाए गए अभियानों से जुड़े रहे हैं। हालिया आंदोलन के दौरान भी उन्होंने युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की है।