चार्जिंग के दौरान स्कूटी में लगी चिंगारी बनी काल, कुछ मिनटों में धधक उठी पूरी बिल्डिंग; दो की मौत
नोएडा के मामूरा गांव में इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्जिंग के दौरान हुई स्पार्किंग ने देखते ही देखते भीषण आग का रूप ले लिया। बुधवार को सेक्टर-66 क्षेत्र में हुए इस हादसे में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 50 परिवार प्रभावित हुए। आग इतनी तेजी से फैली कि बहुमंजिला पीजी बिल्डिंग में रह रहे लोगों को जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। दमकल विभाग और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्कूटी चार्जिंग के दौरान शुरू हुई आग ने मचाई तबाही
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नोएडा के सेक्टर-66 स्थित मामूरा गांव में इलेक्ट्रिक स्कूटी चार्ज करते समय बैटरी में स्पार्किंग हुई। देखते ही देखते आग ने आसपास खड़े अन्य वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही समय में लपटें पास की बहुमंजिला पीजी बिल्डिंग तक पहुंच गईं। आग की रफ्तार इतनी तेज थी कि वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इमारत में धुआं भरने के कारण अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगहों की तलाश करने लगे।
50 परिवार प्रभावित, रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों को निकाला गया
हादसे के समय पीजी बिल्डिंग में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक करीब 50 परिवार इस घटना से प्रभावित हुए। कुछ लोग छत और खिड़कियों की ओर चले गए, जबकि कई लोग धुएं के बीच फंस गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि इस दर्दनाक हादसे में एक महिला सहित दो लोगों की जान चली गई। प्रशासन ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्य तेज करने के दिए निर्देश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के अनुसार आग पर काबू पाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए राहत और बचाव कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटना की जांच में जुटी हैं ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
इलेक्ट्रिक वाहनों में आग के बढ़ते खतरे पर उठे सवाल
इस घटना के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षित चार्जिंग को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। शुरुआती जांच में आग की वजह इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में स्पार्किंग बताई जा रही है, हालांकि अंतिम कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। विशेषज्ञों के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी संवेदनशील होती है। बैटरी में खराबी, अधिक गर्म होना, गलत चार्जर का उपयोग या वायरिंग की समस्या आग का कारण बन सकती है।
चार्जिंग के दौरान इन सावधानियों से टल सकता है खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। वाहन को हमेशा कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए ओरिजिनल चार्जर से ही चार्ज करना चाहिए। लोकल या खराब गुणवत्ता वाले चार्जर का इस्तेमाल बैटरी सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा वाहन को बंद जगह, सीढ़ियों के नीचे या ऐसे स्थान पर चार्ज करने से बचना चाहिए जहां आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता बाधित हो।
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बहुमंजिला इमारतों में चार्जिंग व्यवस्था को लेकर सतर्कता जरूरी
नोएडा जैसे शहरों में बड़ी संख्या में लोग पीजी और अपार्टमेंट में रहते हैं। ऐसे में एक ही स्थान पर कई इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग और कमजोर विद्युत व्यवस्था गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने पर सबसे पहले बिजली कनेक्शन काटना चाहिए और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना चाहिए। बैटरी की आग सामान्य आग से अलग होती है, इसलिए इसे नियंत्रित करने के लिए विशेष तकनीक की जरूरत होती है।
मामूरा हादसे ने बढ़ाई सुरक्षा जागरूकता की जरूरत
नोएडा की इस घटना ने साफ कर दिया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ सुरक्षा उपायों पर ध्यान देना भी जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वाहन मालिकों, बिल्डिंग प्रबंधन और प्रशासन को चार्जिंग व्यवस्था को लेकर सतर्क रहना होगा। सही तरीके से चार्जिंग, नियमित जांच और सुरक्षा नियमों का पालन कर ऐसे हादसों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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