IND vs ENG: रोहित-कोहली रहे फ्लॉप, फिर भी भारत ने 259 रन का लक्ष्य किया हासिल, बने कई रिकॉर्ड
भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट से जीत दर्ज की। रोहित शर्मा और विराट कोहली के जल्दी आउट होने के बावजूद शुभमन गिल, वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल की जिम्मेदार बल्लेबाजी ने टीम इंडिया को 259 रन का लक्ष्य आसानी से पार करा दिया। इस जीत के साथ भारत ने यूके दौरे की पहली जीत हासिल की और कई अहम रिकॉर्ड भी अपने नाम किए।
259 रन का लक्ष्य चार विकेट खोकर किया हासिल
बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेले गए पहले वनडे में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम ने 45.2 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में विजयी शुरुआत की। साथ ही टी20 सीरीज में मिली हार के बाद टीम ने शानदार वापसी का संकेत भी दिया।
रोहित और विराट का बल्ला नहीं चला
लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान रोहित शर्मा 21 गेंदों पर 11 रन बनाकर आउट हो गए। वहीं विराट कोहली भी बड़ी पारी नहीं खेल सके और एलबीडब्ल्यू होकर पवेलियन लौट गए। दोनों दिग्गज बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने के बावजूद भारतीय बल्लेबाजी क्रम ने दबाव नहीं बनने दिया और साझेदारियों के दम पर टीम को जीत तक पहुंचाया।
गिल, सुंदर और अक्षर ने संभाली पारी
शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 80 रन बनाए और रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर गए। श्रेयस अय्यर ने 35 रन का योगदान दिया, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने 52 रन और अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। इन दोनों ऑलराउंडरों ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए भारत की जीत सुनिश्चित की।
भारत ने बनाए कई अहम रिकॉर्ड
इस मुकाबले के बाद भारत ने एक खास उपलब्धि अपने नाम की। पिछले दस वर्षों में यह केवल दूसरी बार है जब टीम इंडिया ने 250 से अधिक रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया और इस दौरान रोहित शर्मा तथा विराट कोहली दोनों अर्धशतक नहीं लगा सके। इसके अलावा इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में भारत की यह लगातार छठी जीत रही।
एजबेस्टन में टूटा इंग्लैंड का लंबा रिकॉर्ड
एजबेस्टन मैदान पर इंग्लैंड को वनडे में 2015 के बाद पहली हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले इस मैदान पर इंग्लैंड को भारत ने ही 2014 में हराया था। भारत की यह जीत केवल सीरीज की अच्छी शुरुआत ही नहीं, बल्कि इंग्लैंड के घरेलू मैदान पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी मानी जा रही है।