बालोतरा सड़क हादसा: डंपर से टकराई SUV, 5 दोस्तों की मौत, 3 जिंदगी की जंग लड़ रहे
राजस्थान के बालोतरा जिले में रविवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। कुलदेवता भोमियाजी के दर्शन कर लौट रहे आठ दोस्तों की एसयूवी पहले एक अज्ञात वाहन से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर डंपर में जा घुस गई। हादसे में पांच युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद पूरे कानोड गांव में मातम पसरा हुआ है और मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
भोमियाजी के दर्शन से लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा
बालोतरा के पचपदरा थाना क्षेत्र में रविवार रात यह हादसा उस समय हुआ जब आठ युवक कुलदेवता भोमियाजी के दर्शन कर अपने गांव लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार रास्ते में एसयूवी पहले किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आई, जिससे चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया। इसके बाद तेज रफ्तार एसयूवी सामने चल रहे डंपर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
घायल युवक ने सुनाई हादसे की आपबीती
हादसे में घायल हेमाराम ने बताया कि सोमवार को उसका इंटरव्यू निर्धारित था। इसी कारण वह कुछ दिन पहले दोस्तों के पास आया था और सभी ने साथ में भोमियाजी के दर्शन करने की योजना बनाई। लौटते समय अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और कुछ ही क्षणों में एसयूवी किसी भारी वाहन से टकरा गई। इसके बाद उसे कुछ याद नहीं रहा। होश आने पर उसने आसपास लोगों की चीख-पुकार सुनी और खुद को अस्पताल में पाया। घायल का कहना है कि पूरी घटना कुछ ही सेकंड में घट गई।
दो घंटे तक चला रेस्क्यू, पांच युवकों की गई जान
टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग अंदर फंस गए। पुलिस, ग्रामीणों और बचाव दल ने करीब दो घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। एक युवक का शव वाहन में बुरी तरह फंसा होने के कारण उसे बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस के अनुसार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। तीन घायलों का जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
एक ही परिवार के तीन बेटों की मौत से पसरा मातम
हादसे ने कानोड गांव के कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। मृतकों में भरत, स्वरूपाराम और भावेश आपस में चाचा-ताऊ के बेटे थे। तीनों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं रेवंताराम और किशन भी घनिष्ठ मित्र थे और रोजगार की तलाश में जुटे हुए थे। मृतकों में केवल स्वरूपाराम विवाहित थे, जबकि अन्य युवक अपने भविष्य को संवारने के लिए पढ़ाई और नौकरी की तैयारी कर रहे थे। एक ही हादसे में पांच युवाओं की मौत से पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिस कर रही हादसे के कारणों की जांच
पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एसयूवी पहले किसी अज्ञात वाहन से टकराई थी, जिसके बाद वह अनियंत्रित होकर डंपर से भिड़ गई। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान करने और दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।