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वायनाड भूस्खलन पर सियासत तेज, सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल-प्रियंका गांधी से पूछे सवाल

केरल के वायनाड में भारी बारिश और भूस्खलन से हुई जनहानि के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संकट की इस घड़ी में दोनों नेता जनता के बीच नजर नहीं आ रहे हैं और कांग्रेस को इस पर जवाब देना चाहिए।

वायनाड आपदा के बीच बीजेपी का कांग्रेस पर हमला

वायनाड में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के बाद भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लिया है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि जिस वायनाड ने राहुल गांधी को राजनीतिक आधार दिया, उसी क्षेत्र में आपदा के समय उनकी मौजूदगी दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में जनप्रतिनिधियों का प्रभावित लोगों के बीच होना जरूरी है।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर उठाए सवाल

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने वायनाड सीट अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को सौंपते समय कहा था कि क्षेत्र को “दो-दो सांसद” मिलेंगे। भाजपा नेता का आरोप है कि वर्तमान संकट के दौरान न तो राहुल गांधी और न ही प्रियंका गांधी जनता के बीच नजर आए हैं। उन्होंने इसे वायनाड की जनता के साथ निराशाजनक स्थिति बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा।

‘जनता जानना चाहती है सांसद कहां हैं’

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अक्सर किसी क्षेत्र से सांसद के गायब रहने की बातें सुनने को मिलती हैं, लेकिन इस मामले में जनता यह जानना चाहती है कि उनके प्रतिनिधि इस कठिन समय में कहां हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश भी यह जानना चाहता है कि दोनों नेता इस समय किस स्थान पर हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया का दौर तेज हो गया है।

माफी मांगने की उठाई मांग

सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि वायनाड और केरल की जनता ने गांधी परिवार पर भरोसा जताया था, लेकिन आपदा के समय उनकी अनुपस्थिति सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेतृत्व प्रभावित क्षेत्र में मौजूद नहीं है, तो उसे जनता के प्रति जवाबदेही निभानी चाहिए। भाजपा नेता ने इस मुद्दे पर गांधी परिवार से वायनाड और केरल की जनता से माफी मांगने की मांग भी की।

राहत और बचाव कार्य पर प्रशासन का फोकस

इस बीच वायनाड में भारी बारिश और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी है। प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और अन्य एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सहायता और खोजबीन के कार्य में जुटी हैं। राजनीतिक बयानबाजी के समानांतर स्थानीय प्रशासन का मुख्य ध्यान प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने और हालात सामान्य करने पर केंद्रित है।

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