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भारत-पाक रिश्तों पर नजम सेठी का बयान, बलूचिस्तान को लेकर भी लगाए कई आरोप

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार नजम सेठी ने भारत-पाकिस्तान संबंधों और बलूचिस्तान की स्थिति को लेकर कई अहम टिप्पणियां की हैं। एक टीवी कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में दोनों देशों के रिश्तों में जल्द सुधार की संभावना कम दिखाई देती है। साथ ही उन्होंने बलूचिस्तान में जारी हिंसा को लेकर भारत, अफगानिस्तान और इजरायल का नाम लिया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया और भारत ने अतीत में ऐसे आरोपों को लगातार खारिज किया है।

भारत-पाक संबंधों पर जताई निराशा

एक पाकिस्तानी टीवी कार्यक्रम में बातचीत के दौरान नजम सेठी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच पर्दे के पीछे संवाद की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, लेकिन मौजूदा हालात में संबंधों के सामान्य होने की संभावना बेहद कम है। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी और राजनीतिक परिस्थितियां रिश्तों में सुधार की राह को कठिन बना रही हैं।

मोदी और नवाज शरीफ के दौर का किया जिक्र

नजम सेठी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुरुआती कार्यकाल में भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार की उम्मीद बनी थी। उन्होंने दावा किया कि उस समय पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ संवाद के पक्षधर थे। हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत आकलन है। इस संबंध में भारत सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है जो इन दावों की पुष्टि करता हो।

बलूचिस्तान पर लगाए गंभीर आरोप

सेठी ने बलूचिस्तान में जारी अशांति को लेकर दावा किया कि इसमें कई बाहरी शक्तियों की भूमिका है। उन्होंने भारत, अफगानिस्तान और इजरायल का नाम लिया। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किए गए। भारत पहले भी पाकिस्तान द्वारा लगाए गए ऐसे आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज करता रहा है।

बलूचिस्तान में लंबे समय से जारी है अशांति

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जहां लंबे समय से अलगाववादी गतिविधियां, सुरक्षा बलों पर हमले और संसाधनों के बंटवारे को लेकर विवाद बने हुए हैं। विभिन्न विद्रोही संगठन अधिक अधिकार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय नियंत्रण की मांग करते रहे हैं। पाकिस्तान सरकार इन घटनाओं के लिए बाहरी हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराती है, जबकि स्वतंत्र विश्लेषक आंतरिक राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक कारणों को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।

भारत का रुख पहले से स्पष्ट

भारत ने अतीत में भी पाकिस्तान की ओर से लगाए गए सीमा पार हस्तक्षेप और बलूचिस्तान से जुड़े आरोपों को लगातार खारिज किया है। नई दिल्ली का कहना रहा है कि पाकिस्तान को अपने आंतरिक मुद्दों का समाधान स्वयं करना चाहिए और बिना साक्ष्य भारत पर आरोप लगाने से बचना चाहिए। फिलहाल नजम सेठी के बयान पर भारत सरकार की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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