ओमान तट के पास GFS गैलेक्सी जहाज पर हमला, अमेरिका ने ईरान पर लगाया आरोप; एक भारतीय नाविक लापता
ओमान के तट के पास कारोबारी जहाज GFS गैलेक्सी पर हुए हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। जहाज पर सवार चालक दल में 11 भारतीय नागरिक शामिल थे, जिनमें से एक भारतीय नाविक के लापता होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, ईरान ने हमले में अपनी भूमिका स्वीकार नहीं की है।
अमेरिका ने ईरान पर लगाया हमले का आरोप
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, साइप्रस के झंडे वाले कारोबारी जहाज GFS गैलेक्सी पर होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट हमला किया गया। अमेरिका का दावा है कि यह हमला ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने किया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमले से जहाज के इंजन रूम को गंभीर नुकसान पहुंचा, जिससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
11 भारतीय चालक दल में एक नाविक लापता
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जहाज पर कुल 11 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। हमले के बाद अधिकांश लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन एक भारतीय नाविक अभी भी लापता बताया जा रहा है। भारतीय अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों और ओमान प्रशासन के साथ संपर्क बनाए रखा है। लापता नाविक की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी है।
ईरान ने आरोपों से किया इनकार
ईरान ने जहाज पर हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। हालांकि, IRGC की ओर से यह कहा गया कि कुछ जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में तय नौवहन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे और एक जहाज को चेतावनी स्वरूप रोका गया। GFS गैलेक्सी पर हमले को लेकर तेहरान की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
भारत ने सुरक्षित समुद्री आवाजाही की मांग की
भारत ने घटना पर चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और प्रभावित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। भारत ने इस मामले में किसी भी देश का नाम लिए बिना तनाव कम करने पर जोर दिया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ा सैन्य तनाव
जहाज पर हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करने का दावा किया है। वहीं, ईरान समर्थित बयानों में भी क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिले हैं। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो इसका असर वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।