कांग्रेस का मोदी सरकार पर तीखा हमला, इलेक्टोरल बॉन्ड से PM CARES तक उठाए सवाल
कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इलेक्टोरल बॉन्ड योजना, पीएम केयर्स फंड, नोटबंदी, राफेल सौदा और अन्य मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ के नारे पर कांग्रेस का सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता में आने से पहले “ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा” का नारा दिया था, लेकिन मौजूदा सरकार के कामकाज को देखते हुए इस दावे पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कई नीतियां और फैसले पारदर्शिता तथा जवाबदेही के मानकों पर खरे नहीं उतरते। कांग्रेस का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
इलेक्टोरल बॉन्ड, PM CARES और राफेल का किया जिक्र
जयराम रमेश ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को लेकर आरोप लगाया कि यह व्यवस्था राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं कर सकी। उन्होंने पीएम केयर्स फंड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए अधिक पारदर्शिता की मांग की। इसके अलावा कांग्रेस ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे और गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (GSPC) से जुड़े पुराने मुद्दों का भी उल्लेख किया। पार्टी ने कहा कि इन मामलों में उठे सवालों पर सरकार को विस्तृत जवाब देना चाहिए।
अडानी समूह और नोटबंदी का भी किया उल्लेख
कांग्रेस नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नोटबंदी संबंधी पुराने बयान का हवाला देते हुए सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की। उन्होंने अडानी समूह के कारोबार में हुई वृद्धि का भी जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस पहले भी इस विषय पर प्रधानमंत्री से कई सवाल पूछ चुकी है। पार्टी का आरोप है कि इन सवालों का अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
कई राज्यों और मंत्रियों से जुड़े मामलों का भी उठाया मुद्दा
जयराम रमेश ने अपने बयान में अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान विवाद, अरुणाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से जुड़े मामलों, विपक्षी दलों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप, एक केंद्रीय राज्य मंत्री द्वारा सरकारी योजना का लाभ लेने, पर्यावरण मंत्रालय में अधिकारियों के तबादलों, ई-20 नीति और शिक्षा व्यवस्था जैसे कई मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन सभी मामलों में सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक प्रधानमंत्री कार्यालय या केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई थी। ऐसे में इन आरोपों और सरकार के संभावित जवाब पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।