एस. जानकी के निधन से संगीत जगत शोक में, PM मोदी से रजनीकांत तक ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
भारतीय सिनेमा की महान पार्श्व गायिका एस. जानकी के निधन से पूरा संगीत जगत शोक में डूब गया है। छह दशक से अधिक लंबे करियर में हजारों गीतों से श्रोताओं के दिलों पर राज करने वाली इस दिग्गज कलाकार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित देशभर के नेताओं, कलाकारों और संगीतकारों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियों ने उन्हें भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया अपूरणीय क्षति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एस. जानकी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय संगीत और संस्कृति ने अपनी एक अमूल्य धरोहर खो दी है। उन्होंने कहा कि जानकी की आवाज ने अलग-अलग भाषाओं और पीढ़ियों के लोगों को समान रूप से प्रभावित किया। उनके गीतों में भावनाओं की गहराई और अभिव्यक्ति की अद्भुत क्षमता थी, जो आने वाले वर्षों तक संगीत प्रेमियों को प्रेरित करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवार और उनके करोड़ों प्रशंसकों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने याद किया छह दशक का संगीत सफर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एस. जानकी को भारतीय संगीत की ऐसी महान हस्ती बताया, जिनकी आवाज भाषाई सीमाओं से कहीं आगे थी। उन्होंने कहा कि छह दशक से अधिक लंबे करियर में जानकी ने लगभग 20 भारतीय भाषाओं में हजारों गीत रिकॉर्ड कर भारतीय सिनेमा को समृद्ध बनाया। राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी गायकी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी और भारतीय संगीत इतिहास में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
चिरंजीवी ने कहा- मेरी फिल्मों की भावनाओं को उनकी आवाज मिली
तेलुगु सुपरस्टार चिरंजीवी ने एस. जानकी को याद करते हुए कहा कि उनके करियर के अनेक यादगार गीतों को जानकी की आवाज ने अमर बना दिया। उन्होंने कहा कि जब भी वे गीत सुनाई देते हैं तो फिल्मी सफर की अनगिनत यादें ताजा हो जाती हैं। चिरंजीवी ने उन्हें केवल एक महान गायिका नहीं बल्कि भावनाओं को सुरों में ढालने वाली असाधारण कलाकार बताया और कहा कि उनकी आवाज हमेशा जीवित रहेगी।
रजनीकांत, कमल हासन और अनिरुद्ध ने भी दी श्रद्धांजलि
तमिल सुपरस्टार रजनीकांत ने कहा कि एस. जानकी ने अपनी मधुर आवाज से कई पीढ़ियों का मनोरंजन किया और उनका संगीत हमेशा जीवित रहेगा। अभिनेता कमल हासन ने उनके गीतों को अमर बताते हुए कहा कि उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी। संगीतकार और गायक अनिरुद्ध रविचंदर ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जानकी अम्मा का आशीर्वाद और उनकी संगीत विरासत हमेशा प्रेरणा देती रहेगी।
परिवार और कलाकारों ने साझा की भावनाएं
एस. जानकी की पोती अप्सरा व्यद्युला ने कहा कि उनकी दादी केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए ईश्वर का अनमोल उपहार थीं। वहीं अभिनेता रवि किशन ने उन्हें भारतीय संगीत की महान विभूति बताते हुए कहा कि दक्षिण भारतीय फिल्म संगीत में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि जिस तरह हिंदी सिनेमा में लता मंगेशकर का स्थान है, उसी तरह दक्षिण भारतीय संगीत जगत में एस. जानकी का सम्मान हमेशा सर्वोच्च रहेगा।
हजारों गीतों से रची अमर संगीत विरासत
एस. जानकी ने अपने लंबे संगीत करियर में हजारों गीत गाकर भारतीय फिल्म संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। विभिन्न भारतीय भाषाओं में उनकी मधुर आवाज ने करोड़ों श्रोताओं का दिल जीता। अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित जानकी का योगदान भारतीय संगीत इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में दर्ज रहेगा। उनके निधन से संगीत जगत ने एक ऐसी आवाज खो दी है, जिसकी गूंज आने वाली पीढ़ियों तक सुनाई देती रहेगी।
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