राम मंदिर चढ़ावा मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो, कांग्रेस नेता अभय दुबे की मांग
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. अभय दुबे ने राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि भगवान राम किसी एक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर उठाए सवाल
मेरठ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. अभय दुबे ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और मेहनत की कमाई से योगदान दिया था। ऐसे में यदि चढ़ावे या फंड के उपयोग को लेकर किसी तरह की अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विरोध किसी धर्म या भगवान श्रीराम से नहीं, बल्कि कथित भ्रष्टाचार और जवाबदेही के अभाव से है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
अभय दुबे ने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके। उनका कहना था कि यदि सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी रही हैं तो स्वतंत्र जांच से किसी को भी डरने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट की संरचना और प्रशासनिक व्यवस्था में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
सरकार और ट्रस्ट से पूछे तीन सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार के सामने तीन प्रमुख सवाल रखे। पहला, यदि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ था तो कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी कौन लेगा? दूसरा, यदि सब कुछ नियमों के अनुरूप था तो ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों की वजह क्या थी? तीसरा, यदि कोई गड़बड़ी नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने में आपत्ति क्यों है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस विषय पर देश के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए।
‘राम पूरे देश की आस्था हैं’
प्रो. अभय दुबे ने कहा कि भगवान श्रीराम किसी राजनीतिक दल की पहचान नहीं हैं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का विषय राजनीति से ऊपर है और इससे जुड़ी हर प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
मेरठ की दलित युवती की हत्या का भी उठाया मुद्दा
प्रेस वार्ता के दौरान अभय दुबे ने मेरठ में दलित युवती की हत्या का मामला भी उठाया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में महिलाओं और दलितों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग करने वाले कांग्रेस नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। कांग्रेस ने कहा कि न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
2027 चुनाव और गठबंधन पर क्या बोले?
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पूछे गए सवाल पर अभय दुबे ने कहा कि INDIA गठबंधन पूरी मजबूती के साथ कायम है। सीटों का बंटवारा सभी सहयोगी दल आपसी सहमति और सम्मान के आधार पर तय करेंगे। उन्होंने कहा कि उचित समय पर गठबंधन की समन्वय समिति अंतिम निर्णय की घोषणा करेगी।