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‘बोलने से पहले गोविंदा की इमेज का रखें ध्यान’, राजेश पुरी की सुनीता आहूजा को सलाह

दिग्गज टीवी अभिनेता राजेश पुरी ने अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय सुनीता आहूजा को गोविंदा की वर्षों में बनी सुपरस्टार छवि और सम्मान का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने गोविंदा के प्रोफेशनलिज्म और सेट पर उनके काम करने के अंदाज से जुड़ा दिलचस्प किस्सा भी साझा किया।

सुनीता आहूजा को दी सार्वजनिक व्यवहार की सलाह

टीवी और फिल्म अभिनेता राजेश पुरी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा को लेकर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि सुनीता का मीडिया में सक्रिय होना अच्छी बात है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय उन्हें गोविंदा की प्रतिष्ठा, सम्मान और सुपरस्टार वाली छवि का भी ध्यान रखना चाहिए। राजेश पुरी के मुताबिक, परिवार से जुड़ी ऐसी बातें सार्वजनिक रूप से नहीं कही जानी चाहिए, जिनसे गोविंदा की छवि या उनके परिवार की प्रतिष्ठा प्रभावित हो।

गोविंदा की लेटलतीफी पर सुनाया दिलचस्प किस्सा

राजेश पुरी ने गोविंदा के साथ काम करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें पता चला कि अगले दिन “गोविंदा शिफ्ट” है। जब उन्होंने इसका मतलब पूछा तो निर्देशक ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “गोविंदा जब आएंगे, तभी शिफ्ट शुरू होगी।” अगले दिन अभिनेता काफी देर से पहुंचे, लेकिन सेट पर आते ही उन्होंने बेहद कम समय में पूरा सीन शूट कर दिया। राजेश पुरी ने कहा कि गोविंदा का काम करने का अंदाज इतना तेज और प्रभावशाली था कि कुछ ही मिनटों में उन्होंने संवाद याद किए, उन्हें बेहतर बनाया और निर्धारित लक्ष्य भी पूरा कर दिया।

‘काम पूरा करना ही उनकी सबसे बड़ी खूबी थी’

राजेश पुरी ने कहा कि भले ही पूरी यूनिट को घंटों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन गोविंदा अपनी प्रतिभा और प्रोफेशनल क्षमता से इसकी भरपाई कर देते थे। उन्होंने बताया कि अभिनेता बेहद सहजता से अपने किरदार में ढल जाते थे और कम समय में बेहतरीन प्रदर्शन कर लेते थे। राजेश के अनुसार, यही वजह थी कि इंडस्ट्री में गोविंदा की अलग पहचान और सम्मान रहा है। उन्होंने उन्हें एक अच्छा इंसान और शानदार कलाकार भी बताया।

कई फिल्मों में साथ कर चुके हैं काम

राजेश पुरी और गोविंदा ने अपने करियर में कई फिल्मों में साथ काम किया है। इनमें रखवाले, दुलारे, राजा भैया और जैसी करनी वैसी भरनी जैसी फिल्में शामिल हैं। लंबे समय तक साथ काम करने की वजह से राजेश पुरी ने गोविंदा के व्यक्तित्व और कार्यशैली को करीब से देखा है। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने सुनीता आहूजा को सलाह दी कि मीडिया में दिए जाने वाले बयानों में संयम और संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

MeToo और आलोक नाथ विवाद पर भी रखी राय

पॉडकास्ट के दौरान राजेश पुरी ने मनोरंजन जगत के अन्य मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने MeToo आंदोलन और अभिनेता आलोक नाथ से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उस प्रकरण के बाद आलोक नाथ का करियर लगभग ठहर गया। उनके मुताबिक, विवाद के बाद उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना कम कर दिया और नए प्रोजेक्ट्स से भी दूरी बना ली। राजेश पुरी का मानना है कि सार्वजनिक जीवन में छवि और प्रतिष्ठा कलाकारों के करियर पर गहरा प्रभाव डालती है।

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