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निधन के 8 दिन बाद ASI का तबादला, जोधपुर पुलिस की सूची से उठे बड़े सवाल

निधन के 8 दिन बाद ASI का तबादला, जोधपुर पुलिस पर सवाल

राजस्थान पुलिस की तबादला प्रक्रिया में एक चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। जोधपुर रेंज पुलिस की जारी स्थानांतरण सूची में ऐसे एएसआई का नाम शामिल कर दिया गया, जिनका आठ दिन पहले ही निधन हो चुका था। इस घटना ने विभागीय कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड अपडेट करने की व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दिवंगत ASI का नाम ट्रांसफर सूची में शामिल

जोधपुर रेंज पुलिस ने 9 जुलाई को सहायक उप निरीक्षकों (ASI) की स्थानांतरण सूची जारी की, जिसमें कुल 39 अधिकारियों के तबादले किए गए। इसी सूची में बाड़मेर में तैनात एएसआई अनोपाराम का नाम भी शामिल था और उनका तबादला गृह जिला बालोतरा दर्शाया गया। हालांकि, अनोपाराम का 1 जुलाई को उपचार के दौरान निधन हो चुका था। निधन के बावजूद उनका नाम तबादला आदेश में शामिल होने से विभाग की प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

लंबे समय तक पुलिस सेवा में रहे अनोपाराम

एएसआई अनोपाराम बालोतरा जिले के सिवाना क्षेत्र के निवासी थे। उन्होंने पुलिस सेवा की शुरुआत कांस्टेबल के रूप में की थी और पदोन्नति के बाद हेड कांस्टेबल तथा फिर एएसआई बने। उन्होंने बाड़मेर जिले के कई थानों में सेवाएं दीं और अंतिम समय में बाटाडू चौकी प्रभारी के रूप में कार्यरत थे। बताया गया कि वे लीवर संक्रमण से पीड़ित थे और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

विभागीय प्रक्रिया पर उठे सवाल

स्थानांतरण आदेश में दिवंगत अधिकारी का नाम शामिल होने के बाद विभागीय रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया और आंतरिक समन्वय पर सवाल उठ रहे हैं। सामान्यतः किसी कर्मचारी के निधन के बाद उसकी सेवा संबंधी जानकारी रिकॉर्ड में तत्काल अपडेट की जाती है। ऐसे में आठ दिन बाद जारी सूची में उनका नाम होना प्रशासनिक चूक माना जा रहा है। फिलहाल इस संबंध में विभाग की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

तबादला प्रक्रिया पर शिक्षक संगठनों का भी विरोध

इधर, प्रदेश में तबादला प्रक्रिया को लेकर शिक्षक संगठनों ने भी सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) ने आरोप लगाया है कि स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा और कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पैदा हो गई। संगठन ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करते हुए सरकार से स्थायी एवं पारदर्शी तबादला नीति लागू करने और प्रक्रिया में हुई त्रुटियों को जल्द सुधारने की मांग की है।

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