चित्तौड़गढ़ में राशन वितरण में बड़ी गड़बड़ी, दो डीलरों पर 25 टन गेहूं गबन का मामला दर्ज
चित्तौड़गढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़ी गंभीर अनियमितता सामने आई है। जिला रसद विभाग की जांच में दो उचित मूल्य दुकानों पर लाखों रुपये मूल्य के गेहूं के कथित गबन का मामला सामने आने के बाद दोनों राशन डीलरों के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया गया है। विभाग ने दोनों के लाइसेंस भी निरस्त कर दिए हैं और मामले की जांच जारी है।
जांच में सामने आई भारी मात्रा में गेहूं की कमी
जिला रसद विभाग की ओर से की गई जांच के दौरान चित्तौड़गढ़ तहसील के गिलूण्ड स्थित उचित मूल्य दुकान में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जांच के समय दुकान बंद पाई गई और स्थानीय उपभोक्ताओं ने बताया कि डीलर महीने में केवल दो-तीन दिन ही दुकान खोलता था। बाद में चार्ज हस्तांतरण के दौरान पीओएस मशीन में 25,436 किलोग्राम गेहूं दर्ज मिला, जबकि मौके पर केवल 1,384 किलोग्राम गेहूं उपलब्ध था। करीब 24,052 किलोग्राम गेहूं का हिसाब नहीं मिलने पर विभाग ने इसे गबन मानते हुए कार्रवाई शुरू की।
नोटिस के बाद भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला
रसद विभाग ने अनियमितताओं के बाद संबंधित डीलर को पहले निलंबित किया और कारण बताओ नोटिस जारी किया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय में दिए गए जवाब से संतोष नहीं हुआ। इसके बाद जिला रसद अधिकारी ने मार्च 2026 में डीलर का प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) निरस्त कर दिया। प्रवर्तन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर शंभूपुरा थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
दूसरे डीलर पर भी 232 क्विंटल से अधिक गेहूं गबन का आरोप
चिकसी गांव की उचित मूल्य दुकान की जांच में भी गंभीर अनियमितता सामने आई। विभाग के अनुसार निरीक्षण के समय दुकान बंद मिली और डीलर से संपर्क नहीं हो सका। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनसे बायोमेट्रिक सत्यापन तो कराया जाता था, लेकिन राशन का वितरण नहीं किया जाता था। चार्ज हस्तांतरण के दौरान पीओएस मशीन में 232.95 क्विंटल गेहूं दर्ज था, जबकि वास्तविक स्टॉक शून्य मिला। डीलर ने जवाब में बीमारी और पारिवारिक कारण बताए, लेकिन विभाग ने इसे पर्याप्त नहीं माना और उसका लाइसेंस भी निरस्त कर दिया।
पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू की
प्रवर्तन अधिकारी की शिकायत पर शंभूपुरा थाना पुलिस ने दोनों राशन डीलरों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अलग-अलग मामले दर्ज कर लिए हैं। पुलिस अब रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, पीओएस डेटा और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिला रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता या राशन के दुरुपयोग के मामलों में भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।