सुष्मिता देव का महुआ मोइत्रा पर पलटवार, TMC छोड़ BJP में शामिल होने के बाद तेज हुई बयानबाजी
पश्चिम बंगाल की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। हाल ही में भाजपा में शामिल हुईं सुष्मिता देव ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के बयान पर पलटवार करते हुए तीखी टिप्पणी की। दोनों नेताओं के बयान ऐसे समय सामने आए हैं, जब राज्यसभा उपचुनाव और बंगाल की राजनीतिक गतिविधियां चर्चा में हैं।
महुआ मोइत्रा के बयान पर सुष्मिता देव का जवाब
भाजपा में शामिल होने के बाद सुष्मिता देव ने महुआ मोइत्रा की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें महुआ ने कहा था कि वह कभी भाजपा में शामिल नहीं होंगी। जवाब में सुष्मिता देव ने कहा कि “आप जैसे लोगों की भाजपा में कोई जगह नहीं है” और यह भी दावा किया कि “कोई दूसरी पार्टी भी आपको अपने साथ नहीं लेना चाहती।” यह बयान दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर माना जा रहा है।
TMC पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
सुष्मिता देव ने तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए उसे भ्रष्टाचार से जुड़ी पार्टी बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा ने पिछले वर्षों में कई राज्यों में अपना जनाधार बढ़ाया है और पश्चिम बंगाल में भी संगठन को लगातार मजबूत किया जा रहा है। यह भाजपा का राजनीतिक पक्ष है, जबकि टीएमसी इन आरोपों को पहले भी खारिज करती रही है।
राज्यसभा उपचुनाव के लिए भाजपा की उम्मीदवार
भाजपा ने पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की रिक्त सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक को उम्मीदवार बनाया है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, इन सीटों पर 24 जुलाई को मतदान और मतगणना होनी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 14 जुलाई तथा नामांकन पत्रों की जांच 15 जुलाई को निर्धारित है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी सियासी हलचल
सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक के टीएमसी छोड़कर भाजपा में आने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में राज्यसभा उपचुनाव और संगठनात्मक बदलाव दोनों दलों के लिए अहम साबित हो सकते हैं। हालांकि चुनावी परिणाम और आगे के राजनीतिक घटनाक्रम ही इन बदलावों का वास्तविक असर तय करेंगे।