कोटा में दो जगह सांप निकलने से दहशत, स्कूल में वाटर स्नेक और पिंजरे में फंसा 5 फीट का ब्लैक कोबरा
राजस्थान के कोटा शहर में गुरुवार को दो अलग-अलग स्थानों पर सांप निकलने की घटनाओं से लोगों में दहशत फैल गई। एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल कार्यालय में वाटर स्नेक दिखाई दिया, जबकि शिवनगर इलाके में चूहों के पिंजरे में करीब पांच फीट लंबा ब्लैक कोबरा फंस गया। सूचना पर पहुंचे स्नेक कैचर ने दोनों सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें जंगल में छोड़ दिया।
स्कूल के प्रिंसिपल ऑफिस में मिला वाटर स्नेक
महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रिंसिपल कुसुम अपने कार्यालय पहुंचीं और कमरे के अंदर सांप को देखा। अचानक सांप नजर आने पर उन्होंने तुरंत बाहर निकलकर स्कूल स्टाफ को सूचना दी। कुछ ही देर में पूरे विद्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर मौके पर पहुंचे और जांच के बाद बताया कि यह कीलबैक प्रजाति का वाटर स्नेक है, जिसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया।
चूहे के पिंजरे में फंस गया 5 फीट लंबा ब्लैक कोबरा
कोटा के शिवनगर नयागांव क्षेत्र में चूहों को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में इस बार करीब पांच फीट लंबा ब्लैक कोबरा फंस गया। बताया गया कि कोबरा शिकार की तलाश में पिंजरे के अंदर घुसा, लेकिन बाहर नहीं निकल पाया। घर के लोगों ने जैसे ही उसे देखा, तुरंत स्नेक कैचर को सूचना दी। मौके पर पहुंचे विशेषज्ञ ने सावधानीपूर्वक कोबरा का रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
स्नेक कैचर ने लोगों से की खास अपील
स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने लोगों से अपील की कि सांप दिखाई देने पर घबराएं नहीं और न ही उसे मारने या पकड़ने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि अधिकांश सांप बिना छेड़छाड़ के हमला नहीं करते। ऐसी स्थिति में तुरंत प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना देना सबसे सुरक्षित तरीका है।
बारिश में बढ़ जाता है सांप निकलने का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में बिलों में पानी भरने के कारण सांप अक्सर आबादी वाले इलाकों में निकल आते हैं। ऐसे समय में घरों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। समय पर रेस्क्यू से न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण में भी मदद मिलती है।