अलवर में शराब के नशे में विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों की झड़प में आधा दर्जन घायल
राजस्थान के अलवर जिले के ततारपुर थाना क्षेत्र में शराब के नशे में शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। झझारपुर और जीवनसिंहपुरा गांव के दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
शराब पार्टी के दौरान शुरू हुआ विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत शराब पीने के दौरान हुए विवाद से हुई। झझारपुर निवासी नेहा ने बताया कि उनके भाई प्रदीप राजपूत जीवनसिंहपुरा के ईश्वर सिंह और अन्य लोगों के साथ बैठे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। विवाद बढ़ने पर मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों पर भी हमला
परिजनों का आरोप है कि विवाद शांत कराने पहुंचे अंगद सिंह, उनकी पत्नी सुशीला देवी और बेटी नेहा को भी नहीं बख्शा गया। आरोप है कि उन पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद घायल सभी लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
दूसरे पक्ष ने लगाए लगातार परेशान करने के आरोप
दूसरे पक्ष के ईश्वर सिंह ने अलग दावा करते हुए बताया कि प्रदीप राजपूत लंबे समय से शराब के नशे में उनके घर के बाहर आकर गाली-गलौज करता था और बाइक का हॉर्न बजाकर परेशान करता था। उनका कहना है कि विरोध करने पर धमकियां भी दी जाती थीं। ईश्वर सिंह के अनुसार, गुरुवार रात प्रदीप और उसके साथियों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें वह और उनके भाई अलवर सिंह घायल हो गए।
दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस जांच शुरू
घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ ततारपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। घटनास्थल से मिले तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।