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Delhi: पुरानी दिल्ली के कायाकल्प की तैयारी, ‘इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम’ के गठन को मंजूरी

दिल्ली सरकार ने पुरानी दिल्ली के संरक्षण और समग्र विकास की दिशा में अहम कदम उठाते हुए शाहजहानाबाद रिडेवलपमेंट कॉर्पोरेशन का नाम बदलकर ‘इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम (IVPN)’ कर दिया है। सरकार का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखते हुए क्षेत्र में आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार करना है। इस योजना के तहत चांदनी चौक, जामा मस्जिद, टाउन हॉल और यमुना बाजार सहित कई प्रमुख इलाकों का चरणबद्ध पुनर्विकास किया जाएगा।

विरासत संरक्षण के साथ आधुनिक विकास पर जोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पुरानी दिल्ली के विकास को नई दृष्टि से आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार का कहना है कि केवल पुराने भवनों के संरक्षण तक सीमित रहने के बजाय सड़क, स्वच्छता, सार्वजनिक सुविधाओं और यातायात व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया जाएगा। विकास कार्यों के दौरान क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि विरासत और आधुनिकता का संतुलित स्वरूप विकसित हो सके।

चांदनी चौक बनेगा पुनर्विकास का पहला केंद्र

सरकार ने पुनर्विकास अभियान की शुरुआत चांदनी चौक से करने का निर्णय लिया है। योजना के तहत बाजार की ऐतिहासिक पहचान और पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखते हुए आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। साफ-सफाई, सार्वजनिक शौचालय, पैदल यात्रियों की सुविधा और यातायात प्रबंधन जैसे कार्य प्राथमिकता में रहेंगे। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों के दौरान स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों की गतिविधियों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

टाउन हॉल, जामा मस्जिद और यमुना बाजार भी होंगे विकसित

पुनर्विकास योजना के अगले चरण में टाउन हॉल, जामा मस्जिद क्षेत्र, यमुना बाजार और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाकों का भी विकास किया जाएगा। टाउन हॉल के लिए नए प्रवेश और निकास मार्ग विकसित करने की योजना है, जबकि यमुना बाजार और आसपास के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर भी काम होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी परियोजनाओं में विरासत संरक्षण विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी, ताकि ऐतिहासिक स्वरूप प्रभावित न हो।

बेहतर ट्रैफिक, पार्किंग और पर्यटन सुविधाओं पर फोकस

सरकार की योजना केवल भवनों के पुनर्विकास तक सीमित नहीं है। पुरानी दिल्ली में यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने, पार्किंग सुविधाएं बढ़ाने, ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने और पर्यटकों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने की भी तैयारी है। लगभग 7.12 वर्ग किलोमीटर में फैले इस ऐतिहासिक क्षेत्र में अनेक संरक्षित स्मारक और सैकड़ों विरासत स्थल मौजूद हैं। सरकार का लक्ष्य इन्हें सुरक्षित रखते हुए पुरानी दिल्ली को एक सुव्यवस्थित और आकर्षक हेरिटेज क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।

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