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Rajasthan Politics: सीकर में सबसे ज्यादा शिक्षक तबादलों पर सियासत, डोटासरा के क्षेत्र पर उठे सवाल

राजस्थान में वरिष्ठ अध्यापकों की हालिया तबादला सूची को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। सीकर जिले में सबसे अधिक प्रशासनिक आधार पर तबादले होने और उनमें भी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र का सर्वाधिक प्रभावित होना सियासी बहस का विषय बन गया है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक दुर्भावना बताया है, जबकि तबादलों से शिक्षा व्यवस्था और सरकारी खर्च पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सीकर में सबसे अधिक प्रशासनिक तबादले

वरिष्ठ अध्यापकों की तबादला सूची के अनुसार चूरू मंडल में कुल 808 शिक्षकों के स्थानांतरण किए गए, जिनमें 356 प्रशासनिक आधार पर हैं। अकेले सीकर जिले में 400 शिक्षकों का तबादला हुआ, जिनमें 257 प्रशासनिक आधार पर किए गए। इनमें भी सबसे अधिक 147 तबादले लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हुए हैं। सामान्यतः प्रशासनिक आधार पर किए गए स्थानांतरण कर्मचारी की मांग के बिना होते हैं, इसलिए इन्हें लेकर कर्मचारियों में असंतोष देखा जाता है। इसी वजह से इस सूची को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

डोटासरा ने लगाए राजनीतिक दुर्भावना के आरोप

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में बड़ी संख्या में शिक्षक स्थानांतरित किए गए हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होगी। डोटासरा के अनुसार क्षेत्र के अनेक विद्यालयों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हो गए हैं, जिसका सीधा असर हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूरे तबादला प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा और जांच कराने की मांग की है।

सरकारी खर्च और शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

प्रशासनिक आधार पर बड़ी संख्या में तबादलों को लेकर वित्तीय पहलू भी चर्चा में है। स्थानांतरित शिक्षकों को नियमानुसार अवकाश, यात्रा भत्ता और अन्य देय लाभ दिए जाते हैं, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ता है। इसके साथ ही एक साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों के स्थानांतरण से कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी की आशंका भी जताई जा रही है। शिक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि रिक्त पदों पर समय पर नियुक्तियां नहीं हुईं तो विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

ग्रामीणों और शिक्षक संगठनों में नाराजगी

सीकर जिले के धोद क्षेत्र के मौल्यासी गांव में प्रधानाध्यापिका के तबादले के विरोध में ग्रामीणों ने विद्यालय पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि विद्यालय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली प्रधानाध्यापिका का तबादला अनुचित है। दूसरी ओर राजस्थान शिक्षक संघ ने भी कई पदाधिकारियों के प्रशासनिक तबादलों पर आपत्ति जताते हुए इसे शिक्षकों का उत्पीड़न बताया है। संगठन ने सरकार से तबादला सूची की समीक्षा की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

तबादलों पर सियासी बहस तेज

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए प्रशासनिक तबादलों ने शिक्षा और राजनीति दोनों क्षेत्रों में बहस छेड़ दी है। एक पक्ष इसे प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक दुर्भावना से जोड़ रहा है। आने वाले दिनों में यदि सरकार इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण या समीक्षा करती है, तो यह विवाद और स्पष्ट हो सकता है। फिलहाल शिक्षक संगठनों, विपक्ष और स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर विरोध के स्वर लगातार तेज होते दिखाई दे रहे हैं।

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